नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर मंगलवार की समय सीमा समाप्त होने से पहले समझौता करने का दबाव बढ़ा दिया है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता है, तो विनाश इतना भयानक होगा कि उसे कभी नहीं सुधारा जा सकेगा. करीब एक महीने से जारी जद्दोजहद के बीच ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में पहले से मौजूद अस्थिरता को और भी बढ़ाने वाला है.
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने बेहद तीखे शब्दों में अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा, ‘आज रात एक पूरी सभ्यता मर जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकता. मैं ऐसा नहीं होने देना चाहता, लेकिन ऐसा संभवतः होगा.’ यह बयान साफ करता है कि व्हाइट हाउस अब मौखिक चेतावनी से आगे बढ़कर सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है.
ट्रंप ने आने वाले घंटों को ‘दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे अहम पलों में से एक’ करार दिया. उनका मानना है कि अगर ईरान ने कार्रवाई नहीं की, तो इसके परिणाम ऐतिहासिक होंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि 47 साल की ‘जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत’ का दौर अब खत्म होगा. उन्होंने कहा, ‘भगवान ईरान के महान लोगों का भला करे.’
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक महीने से अधिक समय से गतिरोध जारी है. ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर नई शर्तों पर सहमति जताए. ईरान की तरफ से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उसके नेताओं ने पहले कहा है कि वे धमकियों के आगे झुकेंगे नहीं. अब सभी की निगाहें मंगलवर की डेडलाइन पर टिकी हैं.