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India Daily

'क्या कोई हमारे पायलटों को ढूंढ सकता है?' दो अमेरिकी जेट विमानों के गिराए जाने के बाद गालिबफ ने ट्रंप की ली चुटकी

ईरान का दावा है कि उसने एक ही दिन में दो अमेरिकी सैन्य विमानों - एफ-15 और ए-10 - को मार गिराया और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया.

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Edited By: Reepu Kumari
'क्या कोई हमारे पायलटों को ढूंढ सकता है?' दो अमेरिकी जेट विमानों के गिराए जाने के बाद गालिबफ ने ट्रंप की ली चुटकी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कटाक्ष किया है. तेहरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले को गालिबफ ने बिना रणनीति का युद्ध करार दिया. यह टिप्पणी ईरान द्वारा एक ही दिन में दो अमेरिकी सैन्य विमानों- एफ -15 और ए-10 - को मार गिराने और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाने के दावे के बाद आई है.

ट्रंप की ली चुटकी

'ईरान को लगातार 37 बार हराने के बाद, उनके द्वारा शुरू किया गया यह शानदार, रणनीतिहीन युद्ध अब 'सत्ता परिवर्तन' से घटकर 'अरे! क्या कोई हमारे पायलटों को ढूंढ सकता है? कृपया?' में तब्दील हो गया है,' गालिबफ ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा. इस व्यंग्य के साथ एक विनती भरा इमोजी भी था.'

28 फरवरी को जंग की शुरुआत 

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई. इससे पहले रक्षा एवं सशस्त्र बल रसद मंत्री अजीज नासिरजादेह, सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के सैन्य ब्यूरो के प्रमुख मोहम्मद शिराजी, सर्वोच्च नेता के सुरक्षा मामलों के सलाहकार और रक्षा परिषद के सचिव अली समखानी और एसपीएनडी के अध्यक्ष हुसैन जबल अमेलियन की भी हत्या कर दी गई थी. इसके परिणामस्वरूप ईरान में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और खामेनेई के बेटे मोजतबा ने सत्ता संभाली.

सत्ता परिवर्तन पर ट्रंप का लगातार बदलता रुख

ट्रंप ने 1 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, 'ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति को अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में बहुत कम कट्टरपंथी और कहीं अधिक बुद्धिमान'. हालांकि, गुरुवार को अपने राष्ट्र संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन युद्ध का घोषित लक्ष्य नहीं था और उन्होंने संकेत दिया कि नेतृत्व में बदलाव पहले ही हो चुका है. उन्होंने कहा, 'सत्ता परिवर्तन हमारा लक्ष्य नहीं था... लेकिन उनके सभी मूल नेताओं की मृत्यु के कारण सत्ता परिवर्तन हो चुका है.'

इस्लामी शासन 'गुंडागर्द और हत्यारा 

उन्होंने देश में शासन कर रहे इस्लामी शासन को 'गुंडागर्दी करने वाला और हत्यारा' बताया और देश में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया, जिसमें हजारों नागरिक मारे गए थे. उन्होंने कहा, 'ऐसे नेताओं को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.'

'परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दूंगा'

उन्होंने कहा, 'जिस दिन मैंने अपने चुनाव अभियान की घोषणा की, उसी दिन से मैंने यह प्रतिज्ञा की थी कि मैं ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दूंगा. यह कट्टरपंथी शासन 47 वर्षों से 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगा रहा है-और मेरे सत्ता में आने से बहुत पहले ही इस समस्या का समाधान हो जाना चाहिए था.'

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की कोशिश की. 'फिर भी, शासन ने परमाणु हथियारों की अपनी अथक खोज जारी रखी और समझौते के हर प्रयास को अस्वीकार कर दिया.'

ईरान हमले का दावा 

ईरान ने एफ-15 और ए-10 विमानों को मार गिराए जाने का दावा किया. ईरान ने शुक्रवार को दो अमेरिकी सैन्य विमानों - एक दो सीटों वाले एफ-15 जेट और एक एकल-पायलट विमान, ए-10 , जिसे वॉर्थोग के नाम से जाना जाता है - पर हमला करने का दावा किया.

एफ-15 लड़ाकू विमान में एक पायलट और पिछली सीट पर एक हथियार प्रणाली अधिकारी होते हैं. अमेरिकी मीडिया ने बताया कि दो चालक दल के सदस्यों में से एक को विशेष बलों द्वारा बचा लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है.

विमान दुर्घटनाग्रस्त

अधिकारी ने बताया कि ए-10 विमान कुवैती हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया, जहां पायलट ने इजेक्ट किया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. एनबीसी न्यूज के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि पायलट सुरक्षित है और ए-10 विमान कुवैत में गिर गया है. ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने खोज और बचाव कार्य में शामिल दो यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया.