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ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, पाकिस्तान में US अधिकारियों से मिलने से किया इनकार; मांगों को बताया नामंजूर

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप हो गई है क्योंकि ईरान ने पाकिस्तान में बैठक से इनकार कर दिया और अमेरिकी मांगों को अस्वीकार्य बताया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, पाकिस्तान में US अधिकारियों से मिलने से किया इनकार; मांगों को बताया नामंजूर
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम कराने की कोशिशें एक तरह से ठप पड़ गई हैं, क्योंकि तेहरान ने तय बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान समेत क्षेत्रीय देशों की अगुवाई में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम कराने की मौजूदा मध्यस्थता की कोशिशें एक तरह से ठप पड़ गई हैं.

रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने मध्यस्थों से कहा है कि वह आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने को तैयार नहीं है और वाशिंगटन की मांगों को नामंजूर मानता है. यह इनकार ऐसे समय में आया है, जब क्षेत्रीय मध्यस्थ दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं और इस बातचीत को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है.

इस्लामाबाद ने की ओर से क्या गया?

इस बीच पाकिस्तान का अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने का पहले का प्रस्ताव अब अनिश्चित लग रहा है, क्योंकि मध्यस्थता की कोशिशों में कोई प्रगति नहीं हो पाई है.

इस्लामाबाद ने कहा था कि वह बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था कि देश को सार्थक बातचीत की मेजबानी करने और उसे आगे बढ़ाने में गर्व महसूस होगा.

ट्रंप ने क्या दिए संकेत?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया था कि वाशिंगटन ईरान के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम उस बातचीत में बहुत अच्छा कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी.

ईरान ने बातचीत को लेकर क्या कहा?

ईरान ने पहले उन दावों को खारिज कर दिया था कि वह चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की मदद से हो रही बातचीत में हिस्सा ले रहा है. उसने कहा था कि ऐसी कोशिशों में उसकी कोई भूमिका नहीं है.

इस्माइल बगाई ने क्या कहा?

मुंबई में अपने महावाणिज्य दूतावास द्वारा X पर जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है और तेहरान को मध्यस्थों के जरिए केवल 'अत्यधिक और बेतुकी मांगें' मिली हैं.

बयान में कहा गया है, 'पाकिस्तान के मंच उनके अपने हैं. हमने उनमें हिस्सा नहीं लिया और यह भी जोड़ा गया कि युद्ध खत्म करने की क्षेत्रीय अपीलों का स्वागत है लेकिन यह याद रखना चाहिए कि इसे शुरू किसने किया था.

बगाई ने आगे क्या कहा?

बगाई ने यह भी कहा कि ईरान को ट्रंप प्रशासन से 15-सूत्रीय प्रस्ताव मिला था लेकिन उन्होंने इस योजना को अत्यधिक, अवास्तविक और बेतुका बताया. इन टिप्पणियों से पाकिस्तान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है.