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अमेरिका-ईरान जंग में मारे गए पहले भारतीय! ओमान में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला

ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर को ड्रोन बोट ने जोरदार टक्कर मार दी. जिससे जहाज में आग लग गई. इस घटना में एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चलीगई.

X (@TheRealSantino)
Shanu Sharma

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच ओमान की खाड़ी में एक बड़ी घटना घटी, एक तेल टैंकर को बिना ड्राइवर वाली ड्रोन बोट ने टक्कर मार दी. जिसके कारण जहाज में आग लग गई और इस घटना में एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई. ओमान अधिकारियों द्वारा इस बात की पुष्टि की गई  है.

ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि यह हमला शनिवार यानी 1 मार्च को हुआ. मस्कट गवर्नरेट से करीब 52 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम में MKD VYOM नाम का टैंकर  मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चल रहा था. इस जहाज पर लगभग 59,463 सामान लदे हुए थे. ड्रोन बोट ने टैंकर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मुख्य इंजन रूम में विस्फोट हो गया.

पनाम के झंडे वाली जहाज ने की मदद 

मिल रही जानकारी के मुताबिक टैंकर पर कुल 21 क्रू मेंबर सवार थे. जिनमें से 16 भारतीय, 4 बांग्लादेशी और 1  यूक्रेनी सदस्य शामिल थे. इनमें से एक की जान विस्फोट में चली गई, लेकिन बचे हुए लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया. इस दौरान पनामा के झंडे वाला जहाज MV SAND ने मदद की.

इस जहाज ने ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया. ओमान की रॉयल नेवी ने क्षतिग्रस्त टैंकर पर नजर रखने के लिए एक जहाज तैनात किया है. इलाके से गुजरने वाले सभी जहाजों को नेविगेशनल चेतावनी जारी की गई है. हालांकि अधिकारियों द्वारा अभी तक हमले के जिम्मेदार का नाम नहीं बताया गया है. लेकिन क्षेत्र में चल रहे ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच दुश्मनी चरम पर है. 

होर्मुज स्ट्रेट के पास बढ़ा खतरा

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास आने वाले जहाजों को चेतावनी दी है. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर कई बड़े हवाई हमले किए. जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. उसके बाद ईरान ने कई समुद्री हमले किए हैं. जिसकी वजह से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर खतरा बढ़ गया है. ओमान के इस जहाज पर हमले से पहले रविवार को एक और तेल टैंकर को निशाना बनाया गया था . स्काईलाइट नाम का टैंकर पलाऊ के झंडे तले चल रहा था. इसी दौरान ओमान के मुसंदम  प्रायद्वीप के पास हमला हुआ. इसमें भी 20 क्रू सदस्यों में 15 भारतीय थे, जिन्हें सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया.