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India Daily

चीन को घेरने की अमेरिकी चाल! 'प्लान इंडिया' पर वॉशिंगटन का फोकस, भारत की रणनीतिक भूमिका की होगी समीक्षा

अमेरिका अब भारत की रणनीतिक भूमिका का गहन अध्ययन करने जा रहा है, खासकर चीन को संतुलित करने के संदर्भ में. USCC की सुनवाई में सीमा विवाद, हिंद महासागर सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर चर्चा होगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
चीन को घेरने की अमेरिकी चाल! 'प्लान इंडिया' पर वॉशिंगटन का फोकस, भारत की रणनीतिक भूमिका की होगी समीक्षा
Courtesy: social media

नई दिल्ली: अमेरिका चीन को साधने की अपनी दीर्घकालिक रणनीति में भारत की भूमिका को अहम मान रहा है. वॉशिंगटन स्थितअमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग (USCC) इस सप्ताह भारत पर केंद्रित अपने पहले सार्वजनिक सत्र का आयोजन करने जा रही है. इसमें भारत-चीन सीमा, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी. यह सुनवाई वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों और अमेरिका-भारत-चीन त्रिकोणीय संबंधों के परिप्रेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

अमेरिका का फोकस

USCC की सुनवाई में मुख्य रूप से भारत की सैन्य क्षमता, रणनीतिक स्थिति और चीन के साथ उसके संबंधों की समीक्षा होगी. अमेरिका यह समझने की कोशिश कर रहा है कि भारत की नीति और निर्णय कैसे क्षेत्रीय संतुलन और अमेरिका की सुरक्षा हितों को प्रभावित कर सकते हैं. इससे वैश्विक रणनीति और व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर भी असर पड़ सकता है.

भारत-चीन सीमा और हिंद महासागर में भूमिका

सुनवाई में भारत-चीन सीमा विवाद, गलवान गतिरोध और हिंद महासागर में भारत की समुद्री पहुंच और सुरक्षा रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. अमेरिका भारतीय नौसैनिक ताकत और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में भारत की बढ़ती भूमिका का मूल्यांकन करेगा. यह समीक्षा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और चीन के बीच रिश्तों में सीमित नरमी देखी गई है.

पीएम मोदी की हालिया बीजिंग यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात वर्षों बाद बीजिंग यात्रा, हवाई सेवाओं की बहाली और चीन के लिए निवेश मार्ग खोलना अमेरिका के लिए संकेत हैं कि भारत के रुख में बदलाव हुआ है. USCC इस बदलाव का विश्लेषण करेगा कि भारत की नीति अमेरिका और चीन के बीच संतुलन बनाने में कितनी प्रभावी है.

तकनीकी और आर्थिक दृष्टिकोण

सुनवाई में भारत की तकनीकी क्षमता, खासकर AI, सेमीकंडक्टर और फार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भरता को भी प्रमुखता दी जाएगी. अमेरिका इसे अपनी दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहा है. साथ ही, अमेरिकी अधिकारी भारत-चीन-यूएस त्रिकोणीय संबंधों का आकलन करेंगे और यह देखेंगे कि भारत का चीन के साथ जुड़ाव अमेरिका के आर्थिक और सुरक्षा हितों को कैसे प्रभावित करता है.

वैश्विक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

बीते एक साल में अमेरिका और भारत के संबंधों में कुछ खटास ने US नीति निर्माताओं में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं. यह सुनवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रैल 2026 की चीन यात्रा से पहले हो रही है, जिससे अमेरिकी कूटनीतिक संतुलन नीति और भी महत्वपूर्ण हो गई है. भारत की भूमिका को लेकर निष्कर्ष वैश्विक भू-राजनीति में अहम माने जाएंगे.