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India Daily

'हुक्म चलाने से खत्म नहीं होंगी परेशानियां', UN प्रमुख ने अमेरिका-चीन पर साधा निशाना, विश्व शांति पर रखी बात

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियों गुटेरेस ने विश्व में बढ़ अशांति पर चिंता जाहिर करते हुए अमेरिका और चीन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हुक्म चलाने से कभी भी शांति नहीं आ सकती है.

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Edited By: Shanu Sharma
'हुक्म चलाने से खत्म नहीं होंगी परेशानियां', UN प्रमुख ने अमेरिका-चीन पर साधा निशाना, विश्व शांति पर रखी बात
Courtesy: X (@alextarquinio)

नई दिल्ली: दुनिया में सभी देश अपने ताकत का प्रदर्शन करने में जुटे हैं. डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग, नेतन्याहू और पुतिन समेत तमाम नेता अपने देशों को दुनिया के सामने सबसे मजबूत स्थिति में पेश करने की कोशिश में जुटें हैं. हालांकि इसके वैश्विक समस्याएं बढ़ती जा रही है. 

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियों गुटेरेस ने लोगों का ध्यान इस ओर खिंचते हुए कहा कि यहां केवल हुक्म चलाने से समस्याएं कम होने वाली नहीं है.

गुटेरेस ने दुनिया को दिया संदेश

गुटेरेस अपने कार्यकाल के आखिरी और 10वें साल की शुरुआत में पत्रकारों से बात करते हुए इन राष्ट्रों पर निशाना साधा है. इस साल सुरक्षा परिषद द्वारा नए उत्तराधिकारी का चयन किया जाएगा. उससे पहले उन्होंने दुनिया में चल रहे संघर्षों को लेकर चिंता जाहिर की है. 

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वैश्विक समस्याएं किसी के भी हुक्म चलाने से खत्म नहीं होंगी और न ही वे दो शक्तियों द्वारा दुनिया को प्रभाव के प्रतिद्वंद्वी क्षेत्रों में बांटने से हल होंगी. उन्होंने बाद में कहा कि उनका यह बयान अमेरिका और चीन के लिए था. उन्होंने कहा कि हम एक स्थिर दुनिया चाहते हैं, जिसमें शांति बनी रहे और सब का विकास सामान्य रूप से हो सके.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र के बयान पर अमेरिका और चीन दोनों में से किसी ने भी तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है. गुटेरेस की ये टिप्पणियां ट्रंप द्वारा अपने शांति बोर्ड के गठन के एक हफ्ते बाद आई हैं. इसे शुरू में गाजा के अस्थिर संघर्ष विराम को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन ट्रंप इसे एक व्यापक भूमिका में देखते हैं. उनके इस दृष्टिकोण से पूरे वैश्विक शक्तियों को चिंतित करता है.

गुटेरेस के दूसरे कार्यकाल में बढ़ा तनाव

गुटेरेस ने कहा कि वैश्विक शांति और सुरक्षा की जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की है. इसलिए सुरक्षा परिषद में सुधार होना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इनके फैसले कभी-कभी उतना प्रभावी नहीं हो पाते हैं,  जितना हम चाहते हैं. गुटेरेस के दूसरे कार्यकाल के दौरान रूस-यूक्रेन यु्द्ध, अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी, सूडान में संघर्ष, इजारयल-फिलिस्तीन संघर्ष, सीरिया में गृह युद्ध और अमेरिकी का वेनेजुएला पर हमला कर दिया.

इन सभी घटनाओं पर गुटेरेस का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून को कुचला जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र में इस वक्त फंड को लेकर गंभीर समस्या चल रही है. क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों को स्वैच्छिक फंडिंग में कटौती की है.