नई दिल्ली: मध्य और दक्षिण अमेरिका के आसमान में उड़ान भरने वाली एयरलाइंस के लिए अमेरिका ने बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. यह चेतावनी संभावित सैन्य गतिविधियों और तकनीकी व्यवधानों को देखते हुए दी गई है.
अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम यात्रियों और विमानन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. यह सलाह शुक्रवार से लागू हो चुकी है और अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी.
FAA ने मेक्सिको, मध्य अमेरिका के कई देशों, इक्वाडोर, कोलंबिया और पूर्वी प्रशांत महासागर के हवाई क्षेत्र के लिए नोटिस टू एयरमेन जारी किए हैं. इन क्षेत्रों में उड़ान भरते समय संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है.
अमेरिकी विमानन प्राधिकरण ने चेताया है कि इन इलाकों में सैन्य गतिविधियों के कारण GPS सिग्नल में व्यवधान हो सकता है. इससे नेविगेशन सिस्टम प्रभावित होने की आशंका है, जो उड़ान सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जाता है.
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और कई वैश्विक नेताओं के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है. दक्षिणी कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी में हाल के दिनों में तेजी देखी गई है.
ट्रंप प्रशासन के दौरान वेनेजुएला में सैन्य अभियानों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़े घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं. अमेरिकी नेतृत्व ने कोलंबिया से जुड़े संभावित अभियानों के संकेत भी दिए हैं.
वेनेजुएला अभियान के बाद FAA ने कैरिबियन के कुछ हिस्सों में वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगाए थे, जिससे कई एयरलाइनों को उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. मौजूदा चेतावनी के चलते भी एयरलाइंस अपनी उड़ान योजनाओं की दोबारा समीक्षा कर सकती हैं.
इसके अलावा FAA ने एयरलाइंस को यह भी सलाह दी है कि वे वैकल्पिक उड़ान मार्गों पर विचार करें और पायलटों को रियल-टाइम अपडेट देते रहें. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चेतावनियां अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के भरोसे और उड़ान संचालन लागत पर भी असर डाल सकती हैं. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से नवीनतम जानकारी जरूर लें.