अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ने पर अमेरिका को आर्थिक फायदा होता है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल न करने दिया जाए. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखे एक संदेश में कही.
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है. इसलिए जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो अमेरिका को इससे काफी कमाई होती है.
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक तेल बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर तेल की कीमतों पर भी पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में जहाजों पर हमलों और संभावित सप्लाई रुकने की आशंका के कारण बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. खासकर *होर्मुज जलडमरूमध्य* के आसपास हालात को लेकर ऊर्जा बाजार बेहद सतर्क है.
हालांकि ट्रंप ने साफ कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों से होने वाला आर्थिक फायदा उनकी सबसे बड़ी चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनकी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. ट्रंप के मुताबिक अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है तो इससे पूरे मध्य पूर्व और दुनिया की सुरक्षा को खतरा हो सकता है.
पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए.
इस टकराव का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है. इसका प्रभाव वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है तो ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.