सीरिया में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, अल-कायदा से जुड़े आतंकी को मार गिराया; कौन था साजिश रचने में माहिर बिलाल हसन?
सीरिया में अमेरिकी हमला एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है. इसका मकसद उन ISIS आतंकियों को निशाना बनाना है, जो सीरिया में फिर से संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं.
नई दिल्ली: अमेरिका ने सीरिया में एक बार फिर जवाबी सैन्य कार्रवाई करते हुए एक बड़े आतंकी को मार गिराया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह आतंकी अल-कायदा से जुड़ा हुआ था और उसका सीधा संबंध उस ISIS सदस्य से था, जिसने पिछले महीने सीरिया में हमला कर दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिए की जान ले ली थी. यह कार्रवाई उत्तर-पश्चिमी सीरिया में की गई.
मारा गया आतंकी कौन था?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस हमले में बिलाल हसन अल-जासिम नामक आतंकी मारा गया है. वह लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल था और हमलों की साजिश रचने में माहिर माना जाता था. CENTCOM के मुताबिक, बिलाल का सीधा संपर्क उस ISIS आतंकी से था, जिसने 13 दिसंबर को सीरिया के पलमायरा इलाके में घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक दुभाषिया मारे गए थे.
अमेरिका का सख्त संदेश
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि इस कार्रवाई से साफ है कि अमेरिका अपने सैनिकों और नागरिकों पर हमला करने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा. उन्होंने कहा कि जो लोग अमेरिकियों पर हमला करते हैं, उसकी योजना बनाते हैं या दूसरों को इसके लिए उकसाते हैं, उनके लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है. अमेरिका उन्हें ढूंढकर जरूर कार्रवाई करेगा.
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बड़े ऑपरेशन का हिस्सा
यह हमला अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है. यह अभियान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किया गया था. इसका मकसद उन ISIS आतंकियों को निशाना बनाना है, जो सीरिया में फिर से संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं.
'200 से अधिक सटीक हथियारों का इस्तेमाल'
CENTCOM के अनुसार, इस अभियान के तहत अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेनाओं ने मिलकर अब तक 100 से ज्यादा ISIS ठिकानों और हथियारों के अड्डों को निशाना बनाया है. इस दौरान 200 से अधिक सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया. बीते एक साल में 300 से ज्यादा ISIS आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है और 20 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया है. अमेरिका का कहना है कि इन कार्रवाइयों से न सिर्फ उसकी सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिली है.