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India Daily

ग्रीनलैंड नहीं तो व्यापार नहीं! ट्रंप ने डेनमार्क और फ्रांस समेत आठ देशों पर ठोका 10% टैरिफ, विश्व युद्ध जैसी चेतावनी

मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी टैरिफ गन से पूरी दुनिया को हिला दिया है. ग्रीनलैंड को खरीदने की अपनी पुरानी ज़िद को अब ट्रंप ने एक आर्थिक युद्ध में बदल दिया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
ग्रीनलैंड नहीं तो व्यापार नहीं! ट्रंप ने डेनमार्क और फ्रांस समेत आठ देशों पर ठोका 10% टैरिफ, विश्व युद्ध जैसी चेतावनी
Courtesy: AI

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी टैरिफ गन से पूरी दुनिया को हिला दिया है. ग्रीनलैंड को खरीदने की अपनी पुरानी ज़िद को अब ट्रंप ने एक आर्थिक युद्ध में बदल दिया है. शनिवार को एक चौंकाने वाले फैसले में ट्रंप ने डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी, 2026 से 10% आयात शुल्क लगाने का ऐलान कर दिया है. अब रूस और चीन ट्रंप के यूरोप पर इस हमले के बाद क्या कदम उठाते हैं, यह देखने लायक होगा.

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका सदियों से यूरोपीय देशों को सब्सिडी देता आ रहा है, लेकिन अब डेनमार्क और उसके सहयोगियों के लिए वापस देने का समय है. ट्रंप ने लिखा कि विश्व शांति दांव पर है और ग्रीनलैंड का मुद्दा वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा है.

किन देशों पर गिरेगी गाज?

ट्रंप की इस लिस्ट में सिर्फ डेनमार्क ही नहीं, बल्कि यूरोप के कई दिग्गज देश शामिल हैं:

डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड (नॉर्डिक देश)

फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम

जून में 25% टैरिफ की डेडलाइन

इन देशों पर गाज गिराने के बाद भी ट्रंप यहीं नहीं रुके. उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यह सिर्फ शुरुआत है. अगर 1 जून, 2026 तक ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की शर्तों पर कोई समझौता नहीं हुआ, तो यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा. यह कदम वैश्विक व्यापार और यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है.

ग्रीनलैंड ही क्यों?

रणनीतिक रूप से ग्रीनलैंड आर्कटिक क्षेत्र में स्थित है और प्राकृतिक संसाधनों व सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. ट्रंप का मानना है कि इस द्वीप पर अमेरिकी नियंत्रण होने से अमेरिका की सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी. एक दिन पहले ही उन्होंने संकेत दिया था कि जो देश ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं देंगे, उन्हें आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे.

यूरोप में हलचल

इस घोषणा के बाद यूरोपीय देशों में खलबली मच गई है. डेनमार्क ने पहले ही ग्रीनलैंड को बेचने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन अब इस टैरिफ युद्ध ने कूटनीतिक तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. यूरेप के देशों के साथ ऐसा व्यवहार उन्होंने शायद अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा.