Holi 2026

नैनी झील को डूबने से बचाने की आखिरी जंग! 38 करोड़ की मेगा योजना से मिलेगी नई मजबूती

नैनीताल की नैनी झील को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने 38 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है, जिसे शासन को भेज दिया गया है. झील किनारे की कमजोर रिटेनिंग वॉल की मरम्मत और पुनर्निर्माण होगा. साथ ही हल्द्वानी में 336 करोड़ की लागत से बहुउद्देश्यीय नमो भवन का निर्माण जल्द शुरू होगा.

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Kuldeep Sharma

नैनीताल: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसी नैनीताल शहर की जान नैनी झील है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. लेकिन हाल के वर्षों में झील की सुरक्षा दीवारें कमजोर पड़ गई हैं, जिससे आसपास की सड़कें और इलाके खतरे में आ गए हैं. कुछ समय पहले लोअर माल रोड का हिस्सा धंसने से बड़ा हादसा टला, लेकिन चिंता बढ़ गई. अब सिंचाई विभाग ने झील को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं. साथ ही हल्द्वानी में भी बड़े विकास कार्य शुरू होने वाले हैं. यह दोनों परियोजनाएं क्षेत्र की सुरक्षा और सुंदरता को नई ऊर्जा देंगी.

झील की सुरक्षा के लिए बड़ी योजना

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह के अनुसार, लोअर माल रोड के धंसने के बाद जांच में पता चला कि झील किनारे की रिटेनिंग वॉल पानी के दबाव से कमजोर हो गई है. स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की लंबे समय से मांग थी कि इसका स्थायी समाधान निकाला जाए. अब 38 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत करीब 2400 मीटर लंबाई में मरम्मत का काम होगा.

वैज्ञानिक तरीके से होगा पुनर्निर्माण

परियोजना में रिटेनिंग वॉल का पुनर्निर्माण, पत्थर की मजबूत चिनाई, दीवारों को मजबूत करना और दरारों की भराई शामिल है. हर जगह की मिट्टी, ढलान और जल दबाव अलग होने से एक जैसी तकनीक नहीं अपनाई जाएगी. वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर अलग-अलग विधियां इस्तेमाल की जाएंगी. झील के ड्रेनेज सिस्टम को भी बेहतर बनाया जाएगा ताकि पानी का बहाव सही रहे.

बजट मिलते ही शुरू होगा काम

यह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है. जैसे ही बजट की मंजूरी मिलेगी, कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि दो साल के अंदर झील की स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा. इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और शहर की लाइफलाइन सुरक्षित रहेगी.

हल्द्वानी में नमो भवन का निर्माण

हल्द्वानी में बहुउद्देश्यीय नमो भवन बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. उत्तराखंड शहरी विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है. 336 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए शासन से वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है. परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि मंजूरी मिलते ही एक महीने में निर्माण शुरू हो जाएगा. यह भवन एडीबी की मदद से शहर के विकास का हिस्सा बनेगा.