UN News: संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को कहा कि उसने फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली एजेंसी (UNRWA) के कुछ कर्मचारियों को निकाल दिया है . आंतरिक जांच में पाया गया है कि ये कर्मचारी 7 अक्टूबर को इजरायल के खिलाफ हमास के हमले में शामिल हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय ने पत्रकारों को दिए एक संक्षिप्त बयान में इस बारें में घोषणा की. महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने हमले में UNRWA कर्मचारियों की संभावित भूमिका के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी.
यूएनआरडब्ल्यूए ने पहले 12 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था और सात कर्मचारियों को बिना वेतन के प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया था. यूएनआरडब्ल्यूए की संचार निदेशक जूलियट तौमा ने बताया कि यूएन ने सोमवार को जिन नौ कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की उनमें प्रत्येक समूह से कुछ लोग शामिल हैं. हालांकि यूएन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अब तक कितने लोगों को नौकरी से निकाला गया है.
संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक निगरानी संस्था इस एजेंसी की जांच तब से कर रही है जब जनवरी में इजरायल ने यूएनआरडब्ल्यूए के 12 कर्मचारियों पर 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले में शामिल होने का आरोप लगाया था. हमास के इस हमले में आतंकवादियों ने 1,200 इजरायली लोगों की हत्या कर दी थी और लगभग 250 लोगों का अपहरण कर लिया था. UNRWA की जांच करने का जिम्मा संयुक्त राष्ट्र के निगरानीकर्ता जिसे आंतरिक निरीक्षण सेवा कार्यालय कहा जाता है कर रहा है. जांज करने वाली संस्था ने इजरायल द्वारा सौंपे गए सबूतों का इस्तेमाल किया. जांचकर्ताओं ने स्टाफ रिकॉर्ड, ईमेल और अन्य संचार डेटा सहित UNRWA की आंतरिक जानकारी की भी समीक्षा की. जांच के बाद समिति ने कहा कि सात अक्टूबर के हमले में यूएन के कर्मचारियों की संलिप्तता के सबूत मिले हैं.
यूएनआरडब्ल्यूए गाजा में 10 महीने से चल रहे युद्ध के दौरान वहां फिलिस्तीनियों को सहायता वितरित करने वाली मुख्य एजेंसी रही है. इस एजेंसी के बारे में गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस युद्ध में 39,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और व्यापक मानवीय तबाही मची है. UNRWA ने हमास के साथ सहयोग करने से इंकार किया है. एजेंसी का कहना है कि युद्ध के दौरान UNRWA के 200 से ज़्यादा कर्मचारी मारे गए हैं और एजेंसी के 190 प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुँचा है.