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India Daily

जिसका ट्रंप ने उड़ाया था मजाक, आज उसी के आगे फैलाए हाथ; ईरान के ड्रोन्स से अमेरिका को बचाएगा 4000 km दूर बैठा ये देश

ईरान के शाहेद ड्रोन्स का सामना अब यूक्रेन के स्टिंग और बुलेट ड्रोन्स करेंगे.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
जिसका ट्रंप ने उड़ाया था मजाक, आज उसी के आगे फैलाए हाथ; ईरान के ड्रोन्स से अमेरिका को बचाएगा 4000 km दूर बैठा ये देश
Courtesy: AI

मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक हैरान करने वाला भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है. ईरान के सस्ते शाहेद कामिकाज़े ड्रोन्स ने अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों के पसीने छुड़ा दिए हैं. इन ड्रोन्स को हवा में ही खत्म करने के लिए अमेरिका अब तक 3.3 करोड़ रुपये की पैट्रियट मिसाइलों, महंगे THAAD डिफेंस सिस्टम और F-16 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल कर रहा है. केवल एक F-16 को हवा में रखने का खर्च $25,000 प्रति घंटा है. इस बेतहाशा बढ़ते रक्षा खर्च को रोकने के लिए अब अमेरिका और खाड़ी देशों ने 4,500 किलोमीटर दूर बैठे यूक्रेन से मदद मांगी है.

ट्रंप के बयान से लेकर रेड कार्पेट तक

युद्ध के शुरुआती दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा था कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की वह आखिरी व्यक्ति होंगे, जिनसे वह कभी मदद मांगेंगे, लेकिन ईरानी ड्रोन्स की तबाही ने हालात बदल दिए। पिछले सप्ताहांत, जेलेंस्की का कतर, UAE और सऊदी अरब में रेड कार्पेट बिछाकर भव्य स्वागत किया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनके बीच एक अहम समझौता हुआ है, जिसके तहत यूक्रेन रूस से लड़ने के लिए एडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइलें लेगा और बदले में खाड़ी देशों को शाहेद ड्रोन्स का शिकार करने वाले अपने अचूक इंटरसेप्टर्स देगा.

क्या हैं यूक्रेन के स्टिंग और बुलेट ड्रोन्स?

यूक्रेन पिछले चार सालों से रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ईरानी शाहेद ड्रोन्स का सामना कर रहा है. पश्चिमी देशों से पर्याप्त हथियार न मिलने पर कीव ने खुद बाज़ार में मिलने वाले सस्ते पुर्जों से अपने 'शाहेद किलर' ड्रोन विकसित किए हैं:

स्टिंग: यह 315-340 किमी/घंटे की रफ्तार से उड़ने वाला घातक इंटरसेप्टर है, जो 10,000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. यह थर्मल इमेजिंग कैमरे से लैस है और सबसे बड़ी बात, टारगेट न मिलने पर यह वापस अपने बेस पर लौट सकता है.

बुलेट: इसे 3D-प्रिंटिंग तकनीक और AI की मदद से तैयार किया गया है। यह जेट इंजन से चलता है और 130-309 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है.

ईरान के शाहेद से कैसे अलग है यूक्रेन की तकनीक?

ईरान के शाहेद सुसाइड ड्रोन हैं, जो पहले से तय टारगेट पर जाकर फट जाते हैं. ईरान इनका इस्तेमाल भारी संख्या में करता है ताकि दुश्मन के रडार और डिफेंस सिस्टम को चकमा दिया जा सके. वहीं, यूक्रेन के इंटरसेप्टर्स को इंसानी ऑपरेटर FPV गॉगल्स के जरिए कंट्रोल करते हैं, जिससे इन पर जैमिंग का असर नहीं होता. इस साल फरवरी के आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के 5,000 ड्रोन्स में से 87% को सफलतापूर्वक मार गिराया है.