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India Daily

PoK में हिंसा को लेकर ब्रिटेन में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन, 30 सांसदों ने उठाई कार्रवाई की मांग

ब्रिटेन में पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर PoK हिंसा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने नागरिकों पर बल प्रयोग की निंदा की वहीं 30 ब्रिटिश सांसदों ने सरकार से इस मामले में कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
PoK में हिंसा को लेकर ब्रिटेन में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन, 30 सांसदों ने उठाई कार्रवाई की मांग
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में मचे बवाल और हिंसा की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई देने लगी है. वहां आम जनता पर हो रहे अत्याचार और सुरक्षाबलों की कार्रवाई के विरोध में अब ब्रिटेन में रहने वाले लोगों ने मोर्चा खोल दिया है. हाल ही में ब्रिटेन में मौजूद पाकिस्तानी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन किए गए.

लंदन और ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी

ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अपने हक की मांग कर रहे बेकसूर नागरिकों को पाकिस्तानी सुरक्षाबल निशाना बना रहे हैं. उन्होंने हाल ही में रावलाकोट में हुई हिंसक घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की.

ऐसा ही एक बड़ा प्रदर्शन लंदन में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर भी देखा गया. यहां लोगों ने पाकिस्तानी सेना वहां के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और PoK प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बेकसूर नागरिकों पर बल प्रयोग तुरंत बंद होना चाहिए और हिंसा के शिकार हुए लोगों को न्याय मिलना चाहिए.

ब्रिटिश सांसदों ने जताई चिंता

यह मामला सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा बल्कि ब्रिटेन के गलियारों में भी इसकी गूंज उठी है. खबरों के मुताबिक ब्रिटेन के करीब 30 सांसदों ने अपनी सरकार को चिट्ठी लिखकर इस मामले में कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है. इन सांसदों ने PoK में मानवाधिकारों के हनन सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों और इंटरनेट-मोबाइल जैसी पाबंदियों पर गहरी चिंता जताई है.

क्या है विवाद की असली वजह

PoK में यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' यानी JAAC ने सरकार के सामने अपनी 38 सूत्रीय मांगें रखीं और एक बड़े विरोध मार्च का ऐलान कर दिया. इस संगठन की मुख्य मांगों में सस्ती बिजली, आटे पर सब्सिडी और बदहाल आर्थिक स्थिति से राहत देना शामिल है.

प्रशासन ने इस मार्च को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था. स्थानीय एक्टिविस्टों का दावा है कि हालिया सुरक्षा अभियानों में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है हालांकि अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी अधिकारों की कमी से जूझ रहे PoK के लोगों का यह आंदोलन अब वैश्विक रूप ले चुका है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की किरकिरी हो रही है.