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India Daily

'बस थोड़े समय की बात है, तेल भी लेंगे और पैसा भी बनाएंगे', होर्मुज जलमार्ग पर ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द ही दोबारा खोल सकते हैं. उन्होंने तेल भंडारों पर नियंत्रण करने और ईरान पर दबाव बढ़ाने की चेतावनी दी है.

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'बस थोड़े समय की बात है, तेल भी लेंगे और पैसा भी बनाएंगे', होर्मुज जलमार्ग पर ट्रंप का बड़ा दावा
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष अब अपने पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है. वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची इस उथल-पुथल के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका न केवल इस समुद्री मार्ग को खोलेगा बल्कि तेल के प्रवाह पर भी नियंत्रण करेगा.

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक ऐसा महत्वपूर्ण गलियारा है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के हवाई अभियानों के जवाब में ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया है. इसके परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. आयातित ऊर्जा पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह स्थिति एक बड़े खतरे की घंटी बन गई है.

ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर बड़ा दावा 

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि थोड़ा और समय मिलने पर हम आसानी से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम न केवल इस मार्ग को खोलेंगे बल्कि वहां के तेल पर नियंत्रण कर भाग्य भी बदल सकते हैं. ट्रंप के इस बयान ने उनके प्रशासन पर ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के बढ़ते दबाव को स्पष्ट कर दिया है. हालांकि कूटनीतिक रोडमैप का अभाव अब भी बना हुआ है.

बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी 

रॉयटर्स के अनुसार ट्रंप ने इस संकट को सुलझाने के लिए कोई स्पष्ट कूटनीतिक योजना पेश नहीं की है. इसके बजाय उन्होंने दोहराया है कि यदि जलडमरूमध्य बंद रहता है, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है. हालिया संबोधन में उन्होंने ईरान के नागरिक बिजली केंद्रों पर संभावित हमलों का संकेत भी दिया है. ट्रंप की इन धमकियों पर तेहरान की ओर से बेहद तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है.

युद्ध का विस्तार और क्षेत्रीय तनाव

यह संघर्ष अब केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा है. अमेरिकी और इजरायली सेनाएं लेबनान में भी मिसाइल बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों पर हमले कर रही हैं. हालांकि हाल के दिनों में ईरान द्वारा मिसाइल दागने की आवृत्ति में कमी आई है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर हमले जारी हैं. वाशिंगटन ने संकेत दिया है कि सैन्य विकल्प अब भी मेज पर हैं, जबकि ट्रंप ने भविष्य में युद्ध से हटने की बात भी कही है.