नई दिल्ली: कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवरे ने नई दिल्ली के साथ राजनयिक संबंधों को संभालने के तरीके को लेकर कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो की आलोचना की और कहा कि ट्रूडो को भारत में "हंसी का पात्र" माना जाता है.
पोइलिवरे ने नेपाली मीडिया आउटलेट नमस्ते रेडियो टोरंटो के साथ एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की है.
पियरे पोइलिवरे ने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में जस्टिन ट्रूडो को हंसी का पात्र माना जाता है." कनाडाई राजनयिकों को भारत छोड़ने के लिए कहे जाने के बारे में पूछे जाने पर पोइलिवरे ने ट्रूडो पर दोष मढ़ दिया और कहा कि वह अक्षम और गैर-पेशेवर हैं. उन्होंने कहा कि कनाडा अब भारत सहित दुनिया की लगभग हर प्रमुख शक्ति के साथ बड़े विवादों में है.
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद 41 कनाडाई राजनयिकों ने भारत छोड़ दिया. भारत ने कनाडा को अपने राजनयिकों को हटाने के लिए एक समय सीमा दी और कहा कि अगर वे देश नहीं छोड़ते हैं तो उनकी छूट छीन ली जाएगी.
पोइलिवरे ने कहा कि कनाडा को भारत सरकार के साथ 'पेशेवर' रिश्ते की जरूरत है और अगर वह प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह इसे बहाल करेंगे. भारत पृथ्वी पर सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमारी असहमति होना और एक-दूसरे को जवाबदेह ठहराना ठीक है, लेकिन हमें पेशेवर संबंध रखना होगा.
पोइलिवरे ने कनाडा में हिंदू मंदिरों पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की. पियरे पोइलिवरे ने कहा कि मैं हिंदू मंदिरों पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा करता हूं. हिंदू नेताओं के खिलाफ धमकियां, सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारतीय राजनयिकों को दिखाई गई आक्रामकता पूरी तरह से अस्वीकार्य है. मैं इसका विरोध करना जारी रखूंगा. उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं या हिंदू मंदिरों पर हमला करते हैं, उन पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए.