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India Daily

अमेरिका को अब रूस से बात करने का लहजा बदलना होगा, दोनों की दोस्ती यूक्रेन के साथ अन्याय: जेलेंस्की

जेलेंस्की ने वैश्विक समुदाय से आह्वान किया कि रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करने के लिए और कड़े कदम उठाए जाएं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
अमेरिका को अब रूस से बात करने का लहजा बदलना होगा, दोनों की दोस्ती यूक्रेन के साथ अन्याय: जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिका और रूस के बीच बढ़ती नजदीकी पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका-रूस संवाद का मौजूदा लहजा "बेहद गर्मजोशी भरा" लगता है, जो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रोकने में कारगर नहीं होगा. ज़ेलेंस्की ने इस स्थिति को यूक्रेन के लिए अन्यायपूर्ण करार दिया.  

उन्होंने अपने बयान में कहा, "अभी अमेरिका-रूस संवाद का लहजा बहुत गर्मजोशी भरा है. स्पष्ट कहें तो यह पुतिन को रोकने वाला नहीं है. हमें लहजे में बदलाव की जरूरत है. पुतिन को स्पष्ट रूप से समझना चाहिए: अमेरिका यूक्रेन के साथ खड़ा है, जिसमें प्रतिबंध लगाना और हमारी सेना का समर्थन करना शामिल है. सहायता में किसी भी कमी का संकेत या यूक्रेन और रूस को समान मानना गहरा अन्याय है. रूस आक्रामक है. उन्होंने इस युद्ध को शुरू किया. वे इसे खत्म नहीं करना चाहते."  

पुतिन पर लगाए जाएं सबसे कड़े प्रतिबंध
ज़ेलेंस्की ने वैश्विक समुदाय से आह्वान किया कि रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करने के लिए और कड़े कदम उठाए जाएं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर पुतिन युद्ध को समाप्त करने से इनकार करते हैं, तो "सबसे कड़े संभव प्रतिबंध" लागू किए जाने चाहिए.  

रूस को जवाबदेह ठहराना जरूरी

उनका कहना है कि रूस को आक्रामक देश के रूप में जवाबदेह ठहराना जरूरी है, क्योंकि युद्ध शुरू करने की जिम्मेदारी पूरी तरह उनकी है. ज़ेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन को समानता के आधार पर रूस के साथ नहीं देखा जाना चाहिए.