menu-icon
India Daily

आतंकी की कायरता का वीडियो आया दुनिया के सामने, मासूमों की जान लेने वाले टेररिस्ट पर हुआ हमला, तो कायरों को भी छोड़ा पीछे

Viral Video: एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि हमले के दौरान कैसे एक आतंकी भाग रहा होता है. इस दौरान जोरदार फायरिंग और ब्लास्ट चल रहा होता है.

princy
Edited By: Princy Sharma
आतंकी की कायरता का वीडियो आया दुनिया के सामने, मासूमों की जान लेने वाले टेररिस्ट पर हुआ हमला, तो कायरों को भी छोड़ा पीछे
Courtesy: Twitter

Pakistan: पाकिस्तान के भीतर हालिया घटनाएं और रिपोर्टें बार-बार इस तथ्य की ओर इशारा करती हैं कि वहां की सेना और आतंकवादी समूह अपनी कथित 'ताकत' केवल निहत्थे और असहाय नागरिकों पर ही दिखाते हैं. खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाकों में, जहां स्थानीय लोग अपने अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं, वहां इनकी कथित बहादुरी और रणनीति अक्सर ढेर होती नजर आती है.

इस बात की सच्चाई को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि हमले के दौरान कैसे एक आतंकी भाग रहा होता है. इस वायरल वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @pakistanwalli नाम के अकाउंट ने शेयर किया है. 

क्या है वायरल वीडियो में

इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक जगह पर जोरदार फायरिंग और ब्लास्ट हो रहे होते हैं. इसी दौरान एक आतंकवादी हमले से बचने की कोशिश में भाग रहा होता है. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो 30 दिसंबर 2024 को पोस्ट किया गया था जिसपर अब तक 28K से हजार से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं. 

यूजर ने लिखा ये कैप्शन

इस वीडियो को पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'पाकिस्तानी सेना के आतंकवादी केवल निहत्थे और बेबस नागरिकों के खिलाफ अपनी 'ताकत' दिखा सकते हैं. जब ये आतंकवादी बलूचिस्तान या खैबर पख्तूनख्वा में सशस्त्र पाकिस्तानियों का सामना करते हैं, तो देखिए कैसे ये डर के मारे बैठकर मर जाते हैं, जैसे बैठे हुए बत्तखें.

बलूचिस्तान

बलूचिस्तान, जो प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लंबे समय से पाकिस्तान सरकार और सेना के दमन का शिकार रहा है. वहां के नागरिकों और अलगाववादी समूहों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना उनके संसाधनों को लूट रही है और उनकी आवाज दबाने के लिए मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है. हालांकि, जब बलूच विद्रोही समूहों ने हथियार उठाए और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, तो पाकिस्तानी सेना का असली चेहरा सामने आया. सेना, जो निहत्थे ग्रामीणों और महिलाओं को आसानी से आतंकित कर सकती है, विद्रोहियों के सामने कमजोर और असहाय दिखती है.  

खैबर पख्तूनख्वा

खैबर पख्तूनख्वा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है. यहां के लोग, जो दशकों से तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के अत्याचारों का सामना कर रहे हैं, अब प्रतिरोध की राह पर हैं. जब पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी संगठनों को इन हथियारबंद नागरिकों का सामना करना पड़ता है, तो वे अक्सर पीछे हट जाते हैं या संघर्ष में मारे जाते हैं.