menu-icon
India Daily

असम में कमांडो कैंप पर उग्रवादियों ने ग्रेनेड और रॉकेट से किया हमला, 4 जवान घायल

असम के तिनसुकिया में पुलिस कमांडो कैंप पर ग्रेनेड और रॉकेट हमला हुआ. चार जवान घायल हुए हैं. घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमले के पीछे उग्रवादी संगठन पर संदेह जताया गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
असम में कमांडो कैंप पर उग्रवादियों ने ग्रेनेड और रॉकेट से किया हमला, 4 जवान घायल
Courtesy: grok

असम के तिनसुकिया जिले में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक बड़ा उग्रवादी हमला सामने आया है. देर रात पुलिस कमांडो कैंप को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड और रॉकेट दागे गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. इस हमले में चार जवान घायल हो गए हैं. घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई थी. शुरुआती जांच में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन की भूमिका की आशंका जताई जा रही है.

देर रात हुआ हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला देर रात करीब दो बजे शुरू हुआ. अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लगातार विस्फोट होते रहे. बताया जा रहा है कि करीब 20 मिनट तक हमले की आवाजें आती रहीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

कैंप को बनाया निशाना

हमला लेखापानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक पुलिस कमांडो कैंप पर हुआ, जो असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास स्थित है. अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने कई रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे, जिनमें से कुछ कैंप के अंदर फटे. इसके बाद गोलीबारी भी हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई. हमले में घायल चारों जवानों का इलाज फिलहाल कैंप में ही किया जा रहा है. उनकी हालत को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है और जांच शुरू कर दी गई है.

सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद पूरे तिनसुकिया जिले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है. अधिकारियों को संदेह है कि इस हमले के पीछे प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन का हाथ हो सकता है. पिछले साल भी इसी तरह का हमला हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी एक उग्रवादी समूह ने ली थी. मौजूदा हमले की टाइमिंग और तरीका देखते हुए जांच एजेंसियां उसी दिशा में जांच कर रही हैं.