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'उसका खून बिकाऊ नहीं...' भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द करने के दावे से तिलमिला उठा तलाल का भाई

यमन में मौत की सजा पाए भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की सजा माफ होने की खबरों को मृतक तलाल अब्दो महदी के परिवार ने खारिज कर दिया है. तलाल के भाई अब्दुल फतेह ने कहा कि उनका भाई कोई बिकाऊ नहीं है और न ही किसी को ब्लड मनी की शर्तों पर समझौते का अधिकार है.

Yogita Tyagi
Edited By: Yogita Tyagi
'उसका खून बिकाऊ नहीं...'  भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द करने के दावे से तिलमिला उठा तलाल का भाई

भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में मिली मौत की सजा पर राहत की खबरों को मृतक तलाल अब्दो महदी के परिवार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. तलाल के भाई अब्दुल फतेह ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका भाई कोई मोल-भाव की वस्तु नहीं है और न ही किसी को उसके खून के बदले सौदा करने का अधिकार है.

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार अब्दुल फतेह ने बातचीत में कहा, "कुछ लोग धर्म के नाम पर खुद को नायक साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे हमारे जख्मों का फायदा उठाना चाहते हैं. तलाल का खून किसी बाजार में बिकने वाला सामान नहीं है."

ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर का दावा भी खारिज 

उन्होंने ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि निमिषा की सजा माफ की जा सकती है. अब्दुल फतेह ने सवाल उठाते हुए कहा, "उन्हें ये अधिकार किसने और किस आधार पर दिया?" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यमनी कानून के अनुसार मौत की सजा तभी माफ हो सकती है जब पीड़ित परिवार ब्लड मनी (खून के बदले मुआवज़ा) स्वीकार करे, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की सुलह से इनकार कर दिया है.

नहीं माफ हुई निमिषा की सजा? 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी उन खबरों को गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि निमिषा की सजा माफ कर दी गई है. हालांकि इस पर अब तक भारत सरकार की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है. गौरतलब है कि निमिषा को 16 मई को फांसी दी जानी थी, लेकिन यमन प्रशासन ने उसे फिलहाल टाल दिया था. तलाल के भाई ने इस देरी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सजा में विलंब न्याय का अपमान है.

क्या है पूरा मामला? 

निमिषा प्रिया, केरल के पलक्कड़ की रहने वाली हैं. वह साल 2008 में यमन गई थीं. वहां उन्होंने तलाल के साथ क्लीनिक खोलने की योजना बनाई, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलाल ने निमिषा का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और उसे वापस पाने के लिए निमिषा ने उसे बेहोश करने की कोशिश की, जिससे ओवरडोज से उसकी मौत हो गई. यमन की अदालत ने साल 2020 में निमिषा को मौत की सजा सुनाई थी.