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1, 2 नहीं ताइवान में एक रात में भूकंप के लगे 80 झटके, कई इमारतें झुकीं, फोटो-वीडियो वायरल

Taiwan Earthquakes: ताइवान में करीब 20 दिन पहले आए भूकंप से दर्द के निशां अभी तक मिटे नहीं थे कि बीती रात एक बार फिर एक के बाद एक आए भूकंप के झटकों ने इसे नया दर्द दे दिया. बीती रात 1, 2 नहीं बल्कि एक के बाद एक भूकंप के 80 झटके लगे. भूकंप से ताइवान के हुलिएन शहर की कई इमारतें झुक गईं हैं. सोशल मीडिया पर झुकीं इमारतों के फोटोज, वीडियो वायरल हैं.

India Daily Live

Taiwan Earthquakes: 3 अप्रैल को ताइवान ने भूकंप का भयानक दर्द झेला था. अब 20 दिन बाद एक बार फिर भूकंप ने ताइवान को नए दर्द दे डाले हैं. भूकंप के बाद हुलिएन शहर की कई इमारतें बुरी तरह एक तरफ झुक गईं हैं. हुलिएन के अधिकारियों ने बताया कि 3 अप्रैल को आए भूकंप के बाद एक होटल काफी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था. सोमवार रात को आए भूकंप के बाद होटल की इमारत और झुक गई. उन्होंने ये भी बताया कि 3 अप्रैल को आए भूकंप के बाद बिल्डिंग को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था. 

अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार रात को ताइवान में एक के बाद एक भूकंप के करीब 80 झटके लगे. इनमें सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप 6.3 का था. उन्होंने बताया कि हुलिएन के होटल के अलावा, कई अन्य ऐसी इमारतें भी हैं, जो न तो पूरी तरह गिरी हैं और न ही तबाह हुई हैं. वे अपने निश्चित स्थान से आगे या पीछे झुक गईं हैं.

हुलिएन था भूकंप का सेंटर

अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप का सेंटर हुलिएन में था. 20 दिन पहले यहां 7.2 तीव्रता वाला तेज भूकंप आया था, जिसमें 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. अधिकारियों के मुताबिक, 3 अप्रैल के बाद से अब तक इस शहर में भूकंप के सैकड़ों झटके लग चुके हैं. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक आए भूकंप के झटकों के बाद स्थानीय लोग दहशत में रहे. 

ताइवानी सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन के भूकंप विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर वू चिएन-फू के अनुसार, सोमवार शाम 5 बजे के बाद ताइवान के पूर्वी तट पर हुआलिएन काउंटी में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके कुछ मिनट बाद उसी क्षेत्र में छोटे-छोटे झटकों की एक पूरी सीरीज आई. 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हुलिएन शहर में दो इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं, कुछ निवासियों को निकाला गया. लगातार भूकंप के खतरे के कारण हुलिएन काउंटी में स्कूलों और कार्यालयों को मंगलवार को बंद करने का आदेश दिया गया. मंगलवार सुबह तक किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं थी.

हुलिएन में रहने वाली 58 वर्षीय सेवानिवृत्त सेल्सवुमेन चेन मेई-हुई ने कहा कि भूकंप के झटकों ने उन्हें टेंशन में डाल दिया है. उन्होंने मंगलवार सुबह कहा कि इस महीने आए भूकंप के बाद से मैं ठीक से सो नहीं पाई हूं. हम केवल प्रार्थना कर सकते हैं कि हमारा घर इतना मजबूत हो कि वह हमें इस कठिन समय से निकाल सके.

कैसे और क्यों आता है भूकंप?

दरअसल, पृथ्वी की सरंचना कुछ ऐसी है कि वो टैक्टोनिक प्लेट पर स्थिर है, जिसके नीचे लावा होता है, जो तरल होता है. ये टेक्टोनिक प्लेट इन लावा पर तैरती रहती हैं. कई बार जब इनकी आपस में टक्कर होती है, तो इसमें से निकलने वाली उर्जा बाहर निकलती है और इससे डिस्टर्बेंस बनता है, जिससे भूंकप के झटके लगते हैं. जितनी तेजी से उर्जा निकलने की कोशिश करती है, भूकंप का झटका उतना ही तेज होता है. भूकंप की तेजी को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. इसे भूकंप के केंद्र यानी एपिसेंटर से 1 से लेकर 9 तक के आधार पर मापा जाता है.