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छह महीने बाद भी नहीं भरे ऑपरेशन सिंदूर के जख्म, एयर स्ट्राइक से बर्बाद पाकिस्तानी एयरबेस अभी भी हो रहे रिपेयर

मई 2025 के भारत पाकिस्तान युद्द को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान अब भी भारतीय हमलों से हुए भारी नुकसान की मरम्मत नहीं कर पाया है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिन के युद्ध को छह महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान अब भी भारतीय हमलों से हुई तबाही की मरम्मत पूरी नहीं कर पाया है. OSINT विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया है कि पाकिस्तान कई अहम सैन्य ठिकानों पर अभी भी नुकसान की भरपाई में जुटा है.

इन खुलासों ने पाकिस्तान के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिनमें वह मई में युद्ध में जीत की बात करता रहा है. साइमन ने हाल में बताया कि रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर भारत द्वारा किए गए हमलों वाली जगह पर पाकिस्तान ने एक नई सुविध का निर्माण शुरू कर दिया है. यह वही जगह है जहां भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान सटीक हमले किए थे. 

साइमन ने और क्या बताया?

साइमन ने 16 नवंबर को एक्स पर पोस्ट किया कि नई इमारत निर्माणाधीन है और यह इस बात का संकेत है कि पुरानी सुविध को भारी नुकसान पहुंचा था. उत्तरी सिंध के जैकबाबाद एयरबेस पर भारत के हमले में क्षतिग्रस्त हैंगर की मरम्मत भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है. सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा है कि हैंगर की छत को हिस्सों में हटाया गया है. साइमन ने दावा किया कि संभवतः पूर्ण पुनर्निर्माण शुरू होने से पहले आंतरिक क्षति का आकलन करने के लिए ऐसा किया गया था.

पाक के कितने सैन्य ठिकानों पर हुए हमले?

ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भारत ने नूर खान और जैकबाबाद के अलावा करीब दस पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे. इनमें मुरिद, रफीकी, मुशाफ, भोलारी, कादरिम, सियालकोट और सुक्कुर एयरबेस भी शामिल थे. भारत ने यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों पर हमलों के जवाब में की थी. 

किसने की थी सटीक हमलों की पुष्टी?

हमलों के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वीकार किया था कि भारतीय मिसाइलों ने नूर खान सहित कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. यह बयान पहली बार पाकिस्तान की तरफ से भारत के सटीक हमलों की आधिकारिक पुष्टि थी. साइमन ने पहले भी गूगल अर्थ की तस्वीरें साझा कर दावा किया था कि किरणा हिल्स पर भारत की स्ट्राइक के निशान साफ देखे जा सकते हैं.