Israel-Iran War: शनिवार को एक बड़े अमेरिका-इजराइल मिलिट्री हमले में 86 साल के खामेनेई की मौत हो गई. इस ऑपरेशन में मिलिट्री बेस से लेकर सीनियर लीडरशिप को निशाना बनाया गया. अब एक रिपोर्ट के मुताबिक, अली खामेनेई की हत्या के बाद सीनियर मौलवी अयातुल्ला अलीरेजा अराफी ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर होंगे.
ईरान के संवैधानिक सिस्टम के तहत अंतरिम काउंसिल में प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन, चीफ जस्टिस गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई और गार्डियन काउंसिल के एक मौलवी शामिल है. खामेनेई की मौत के बाद यह बॉडी मिलकर देश को लीड करेगी.
86 साल के खामेनेई ने 1989 से ईरान पर राज किया था. शनिवार को अमेरिका-इजराइल के एक बड़े मिलिट्री स्ट्राइक में मारे गए. इस ऑपरेशन में मिलिट्री बेस, सरकारी साइट और सीनियर लीडरशिप लोकेशन को टारगेट किया गया. डिफेंस मिनिस्टर आमिर नसरजादेह और कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर से जुड़े लोग भी शामिल थे.
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई की मौत की घोषणा की थी. X पर ट्रंप ने लिखा, "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गया है. यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए इंसाफ नहीं है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनिया भर के कई देशों के उन लोगों के लिए भी है, जिन्हें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों के गैंग ने मार डाला या घायल कर दिया."
ईरान ने शुरू में इन खबरों से इनकार किया था, लेकिन रविवार सुबह मौत की पुष्टि की. देश अब गहरी अनिश्चितता का सामना कर रहा है. अब ईरान बाहरी हमलों और लीडरशिप में बदलाव, दोनों से निपट रहा है.
ईरान के मदरसों के हेड: 2016 से अलीरेजा अराफी ईरान के शिया मदरसों को हेड के तौर पर देख रहे हैं.
अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट: यह एक लीडिंग इंस्टीट्यूशन है जो गैर-ईरानी शिया मौलवियों को ट्रेनिंग देता है. दुनिया भर में ईरानी इस्लामिक आइडियोलॉजी को बढ़ावा देता है.
गार्जियन काउंसिल के मेंबर: 2019 स, वे सुप्रीम लीडर द्वारा अपॉइंट किए गए छह कानूनविदों में से एक हैं, जो इस्लामिक कानून और संविधान के साथ कानून और उम्मीदवारों की कम्पैटिबिलिटी की जांच करने के लिए जिम्मेदार हैं.
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट: यह वह बॉडी है जो सुप्रीम लीडर को चुनती है और उन पर नजर रखती है.
कोम में शुक्रवार की नमाज के इमाम: लगभग 2013 से वे कोम के 'इमाम जुमा' रहे हैं. सुप्रीम काउंसिल ऑफ द कल्चरल रेवोल्यूशन और सोसाइटी ऑफ मदरसा टीचर्स ऑफ कोम जैसी दूसरी संस्थाओं के सदस्य.