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India Daily

अमेरिकी दबाव के बीच ईरान ने तेज की तैयारी, परमाणु ठिकानों को कंक्रीट से बना रहा मजबूत; सैटेलाइट तस्वीरों में हुआ खुलासा

ईरान ने अपने महत्वपूर्ण परमाणु ठिकानों को तेजी से मजबूत करना शुरू कर दिया है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि परचिन, नतांज और इस्फहान जैसे स्थलों पर कंक्रीट की परतें चढ़ाई जा रही हैं, मिट्टी डाली जा रही है और हवाई सुरक्षा बढ़ाई जा रही है. यह सब अमेरिकी सैन्य दबाव बढ़ने और परमाणु वार्ता जारी रहने के बीच हो रहा है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अमेरिकी दबाव के बीच ईरान ने तेज की तैयारी, परमाणु ठिकानों को कंक्रीट से बना रहा मजबूत; सैटेलाइट तस्वीरों में हुआ खुलासा
Courtesy: @MarioNawfal

वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी ने हालिया उच्च-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण जारी किया है. इनमें दिख रहा है कि ईरान पिछले दो-तीन हफ्तों में परमाणु से जुड़े संवेदनशील स्थलों को बंकर में बदल रहा है. कंक्रीट, मिट्टी और अतिरिक्त सुरक्षा से इन्हें हवाई हमलों से बचाने की कोशिश हो रही है. यह काम अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव और तेहरान-वाशिंगटन के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के साथ ही हो रहा है. विशेषज्ञों को डर है कि ईरान अपनी रणनीतिक सुविधाओं को और गुप्त व मजबूत बना रहा है.

परचिन में कंक्रीट का विशाल ढांचा

परचिन सैन्य परिसर में तलेगान 2 सुविधा के चारों ओर अब पूरा कंक्रीट का खोल तैयार है. 13 फरवरी की तस्वीरों में दिखा कि इसके ऊपर मिट्टी डाली जा रही है. जल्द ही यह पूरी तरह बंकर बन जाएगा, जो हवाई हमलों से काफी सुरक्षा देगा. आसपास की पहाड़ियों पर मिट्टी के ढेर जमा हो रहे हैं. परिसर में कंक्रीट प्लांट भी लगा है. 

नतांज के पास सुरंगों को किया मजबूत

10 फरवरी की तस्वीरों में कोलांग-गाज ला पर्वत के नीचे सुरंगों के प्रवेश द्वार पर कंक्रीट डाला जा रहा है. पश्चिमी प्रवेश पर कंक्रीट की परत चढ़ाई गई, जबकि पूर्वी प्रवेश पर चट्टान-मिट्टी हटाकर अतिरिक्त सुरक्षा की जा रही है. छोटे वाहन भी दिखे, जो अंदर काम का संकेत देते हैं. विशेषज्ञों को डर है कि यहां यूरेनियम संवर्धन जैसी गतिविधियां हो सकती हैं. 

इस्फहान में छिपाने की कोशिश

8 फरवरी की तस्वीर में इस्फहान परमाणु परिसर के सुरंग प्रवेश द्वारों को छिपाने के प्रयास दिखे. पहले अमेरिका द्वारा इसी जगह पर बमबारी की गई थी. हालांकि, इन उपायों की मजबूती बड़े हवाई हमलों के सामने कितनी प्रभावी होगी, यह स्पष्ट नहीं है.

हवाई रक्षा में नई तैनाती

पिछले साल के संघर्ष के बाद परचिन में हवाई रक्षा मजबूत हुई है. जुलाई 2025 में पुरानी एंटी-एयरक्राफ्ट साइट फिर चालू की गई. जुलाई-अगस्त में दो नई एंटी-एयरक्राफ्ट पोजीशन जोड़ी गईं. ये सिस्टम परिसर की सुरक्षा बढ़ा रहे हैं. परचिन का इतिहास ईरान के पुराने परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा रहा है.