अमेरिका और ईरान के बीच कीसी भी समय तनाव बढ़ सकता है, ऐसा मैं नहीं बल्कि एनलिस्ट और सीनियर अधिकारी कह रहे हैं. उनका कहना है कि डिप्लोमैटिक बातचीत के बाद भी कभी भी कुछ भी हो सकता है और हफ्तों तक तनाव रह सकता है.
पूर्व मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ़ अमोस याडलिन ने US की न्यूज़ एजेंसी एक्सियोस के हवाले से कहा कि अब टकराव की संभावना काफी बढ़ गई है. हालांकि अभी कुछ समय पहले सीएनएन के रिपोर्ट में भी ऐसी बातें निकलकर सामने आ रही है. जिसमें कहा गया कि मिलिट्री ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है, अब केवल डोनाल्ड ट्रंप के इशारे का इंतजार किया जा रहा है.
याडलिन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस वीकेंड अब में फ्लाइट लेने से पहले दो बार सोचूंगा. उन्होंने कहा कि अब वहां खड़ें हैं जहां पर कभी भी कुछ भी हो सकता है. उन्होंने जिनेवा में चल रही बातचीत पर कहा कि कभी कोई सुपरपावर सीधा जंग की मैदान में नहीं उतरता है. इसके लिए एक डिप्लोमैटिक रास्ता अपनाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि कई लोग इस हमले का विरोध कर रहे हैं, लेकिन वहीं प्रेसिडेंट ट्रंप का इरादा पक्का होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका तट और आसमान दोनों की तैयारी के साथ खड़ा है. एक्सियोस के मुताबिक US अधिकारियों का मानना है कि अगर मिलिट्री एक्शन शुरू किया जाता है, तो यह लिमिटेड या सिंबॉलिक नहीं होगा, बल्कि एक लगातार कई हफ़्तों का कैंपेन होगा.
राष्ट्रपति ट्रंप के सीनियर एडवाइजर का कहना है कि ट्रंप इन सारी चीजों से थक गए हैं, लेकिन सर्कल के कुछ लोगों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. एडवाइजर का कहना है कि ट्रंप के आसपास के कुछ लोग उन्हें ईरान के साथ युद्ध में जाने के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ ही हफ्तों में एक्शन शुरु हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक इस एक्शन में इजरायल भी अमेरिका का साथ देगा. उन्होंने यह तक कह दिया कि यह जंग 10 से12 दिन तक हो सकता है.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टेंशन के बीच इजरायल ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. हालांकि ईरान भी अमेरिका के इन तैयारियों को लेकर अलर्ट है. ईरान तब और भी ज्यादा सतर्क हो गया जब तेहरान प्रांत के पारंद में आग लग गई, जिससे आसमान में घना धुआं फैल गया. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो काफी वायरल हुआ, हालांकि किसी बड़े नुकसान की संभावना नहीं जताई गई है. अमेरिका ने मीडिल ईस्ट में अपनी सेना खड़ी कर दी है.