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यूक्रेन की अब खैर नहीं, पुतिन ने फिर जारी किया तानाशाही फरमान

Russia Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन जंग के दौरान सेना में नए सैनिकों की भर्ती से जुड़ी एक डिक्री पर हस्ताक्षर किए हैं.

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India Daily Live

Russia Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अनिवार्य सैन्य सेवा प्रदान करने वाली एक डिक्री पर हस्ताक्षर किया है. डिक्री पर साइन होने के बाद रूसी सेना में 150,000 सिपाहियों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है. राष्ट्रपति मुख्यालय क्रेमलिन ने पुतिन द्वारा साइन डिक्री दस्तावेज को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है. रिपोर्ट के अनुसार, नए सिपाहियों की भर्ती से रूसी सेना को यूक्रेन के मोर्चे पर मजबूती मिलेगी. 

रूस में सभी पुरुषों को अनिवार्य रूप से एक साल की सैन्य सेवाएं प्रदान करनी होती हैं. स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसारस, रूसी सेना के पास वर्तमान में 1.32 मिलियन एक्टिव सैन्य कर्मी हैं जबकि दो मिलियन रिजर्व सैन्य कर्मी मौजूद हैं. 

रूस में अनिवार्य सैन्य सेवाएं प्रदान करना लंबे समय से विवादित मुद्दा रहा है. रूस के अधिकतर मर्द हर साल कालिंग पीरियड के दौरान सैन्य भर्ती में शामिल होने से बचते आए हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि अनिवार्य सैन्य भर्ती में शामिल किए जाने वाले सिपाहियों को यूक्रेन के मोर्च पर तैनात नहीं किया जाएगा. 

रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए कानूनी हवाला देते हुए कहा था कि अनिवार्य सैन्य सेवा देने वाले सिपाहियों को रूस से बाहर तैनात नहीं किया जा सकता है. रविवार को मंत्रालय ने उन सैनिकों को रिहा करने वाला एक दस्तावेज़ भी प्रकाशित किया, जिन्होंने अपनी सेवा का बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर लिया था.

रूस ने पिछले साल सेना में भर्ती होने की अधिकतम उम्र में संशोधन किया था. नए नियम के मुताबिक, सेना 30 साल के सभी पुरुषों को सेवा के लिए बुला सकती है पहले इसकी अधितकम उम्र 27 साल थी. 


 

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