नई दिल्ली: यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमले सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं और इन्हीं से निपटने के लिए रूस लगातार नए प्रयोग कर रहा है. इसी कड़ी में रूस ने एक नया टैंक कवच पेश किया है, जिसे डैंडेलियन टैंक कहा जा रहा है. दिखने में यह टैंक बेहद अजीब लगता है, लेकिन विशेषज्ञ इसे ड्रोन से बचाव का प्रभावी तरीका मान रहे हैं.
इस नए कवच को रूसी भाषा में ओदुवानचिक कहा गया है, जिसका मतलब डैंडेलियन होता है. इसमें लचीली धातु की छड़ें और मजबूत जाली का इस्तेमाल किया गया है. ये छड़ें टैंक के चारों ओर पेड़ की शाखाओं की तरह फैली होती हैं. इससे टैंक के चारों तरफ एक तीन आयामी सुरक्षा घेरा बन जाता है.
अगर कोई एफपीवी ड्रोन टैंक की ओर आता है, तो यह कवच ड्रोन को टैंक से दूर ही विस्फोट करने पर मजबूर कर देता है. ड्रोन जितनी दूरी पर फटता है, टैंक को उतना ही कम नुकसान होता है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह एक निष्क्रिय एंटी ड्रोन सुरक्षा प्रणाली है. यह डिजाइन पहले इस्तेमाल किए गए हेजहॉग आर्मर का उन्नत रूप माना जा रहा है.
पहले रूस और फिर यूक्रेन ने भी ऐसे ही सुरक्षा उपाय अपनाए थे.
सैन्य विश्लेषक डेविड ऐक्स का कहना है कि अगर इसे टी 90 टैंक के मूल कवच और अन्य सुरक्षा परतों के साथ जोड़ा जाए, तो यह फिलहाल सबसे बेहतर उपाय हो सकता है. युद्ध के मैदान में सैनिकों की जान बचाने के लिए ऐसे प्रयोग जरूरी माने जा रहे हैं. हालांकि इस कवच की कुछ सीमाएं भी हैं.
अतिरिक्त धातु के कारण टैंक का वजन बढ़ जाता है. वजन बढ़ने से टैंक की गति कम हो जाती है. धीमी रफ्तार के कारण टैंक ड्रोन के लिए आसान निशाना भी बन सकता है. इसके अलावा ड्रोन अब टैंक के नीचे से हमला करने में ज्यादा सक्षम हो रहे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुरक्षा पारंपरिक हथियारों के खिलाफ कारगर नहीं है. फिर भी आधुनिक युद्ध में थोड़ी देर की सुरक्षा भी कीमती समय दिला सकती है.