नई दिल्ली: ईरान में दिन-प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है. देश के हजारों लोग सड़क पर आकर खामेनई सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. हालांकि इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें बंद होने की वजह से दुनिया को वास्तविक स्थिति का पूरा पता नहीं चल पा रहा है, लेकिन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट की मारे तो मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है.
विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने के लिए सरकार की ओर से भी कार्रवाई की जा रही है. अब तक इस प्रदर्शन में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई है और 2,300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. ईरानी सरकारी टीवी सुरक्षा बलों के हताहतों के बारे में रिपोर्ट कर रहा है, जबकि देश पर नियंत्रण दिखाने की कोशिश कर रहा है.
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी चेतावनियों के बावजूद आने वाले कड़े कदम का संकेत दिया है. ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने शनिवार को चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति को ऊपर वाले का दुश्मन माना जाएगा. ईरानी सरकारी टेलीविजन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि दंगाइयों की मदद करने वालों को भी इस आरोप का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र के साथ विश्वासघात करके असुरक्षा पैदा करके देश पर विदेशी प्रभुत्व चाहते हैं उन्हें रियायत नहीं दी जाएगी. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया है.
ईरान में विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ विदेश विभाग ने अलग से चेतावनी जारी की है. जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खेल मत खेलो. जब वह कहते हैं कि वह कुछ करेंगे, तो उनका मतलब वही होता है. ईरान में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, हालांकि ईरानी सरकार की आंतरिक वेबसाइटें काम कर रही हैं. जिससे स्कूलों को ऑनलाइन कर दिया गया है. वहीं कुछ सरकारी मीडिया और अर्ध-सरकारी टीवी चैनलों को चलाने की इजाजत दी है. कुछ चैनल सरकार का देश के स्थिति पर कंट्रोल बता रही है, वहीं कुछ मीडिया का कहना है कि देश में दिन-प्रतिदिन माहौल और भी ज्यादा खराब होता जा रहा है.