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India Daily

अब नहीं बचेगी दुनिया! पोलैंड ड्रोन अटैक के बाद नाटो बॉर्डर के पास सैन्य अभ्यास शुरू कर पुतिन ने लिखी थर्ड वर्ल्ड वॉर की स्क्रिप्ट

यह सैन्य अभ्यास पोलैंड में हुई ड्रोन की घटना से पहले ही तय था, लेकिन यूक्रेन के पिछले तीन साल से चल रहे युद्ध में ऐसा पहली बार हुआ जब रूस ने किसी नाटो सहयोगी देश पर हमला किया हो.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
अब नहीं बचेगी दुनिया! पोलैंड ड्रोन अटैक के बाद नाटो बॉर्डर के पास सैन्य अभ्यास शुरू कर पुतिन ने लिखी थर्ड वर्ल्ड वॉर की स्क्रिप्ट
Courtesy: X

Russia Belarus Military Exercise: पश्चिम से चल रहे जबरदस्त तनाव के बीच रूस ने बेलारूस के साथ मिलकर शुक्रवार को नाटो की सीमा पर एक बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया. दो दिन पहले पोलैंड ने उसकी सीमा में घुसे रूस के एक ड्रोन को मार गिराया था. रूस और उसके सहयोगी बेलारूस की सेनाओं के बीच  "Zapad-2025" नाम का यह अभियान पोलैंड की सीमा के बिलकुल नजदीक हो रहा है.

हालांकि यह सैन्य अभ्यास पोलैंड में हुई ड्रोन की घटना से पहले ही तय था, लेकिन यूक्रेन के पिछले तीन साल से चल रहे युद्ध में ऐसा पहली बार हुआ जब रूस ने किसी नाटो सहयोगी देश पर हमला किया हो. इस युद्धाभ्यास को लेकर रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अभ्यास के पहले चरण में सैनिक रूस और बेलारूस पर हमला होने की स्थिति में जवाबी कार्रवाई करना सीखेंगे. दोनों देशों के गठजोड़ को यूनियन स्टेट कहा जाता है.

दुश्मन को नेस्तनाबूद करने की तैयारी

मंत्रालय ने आगे कहा कि दूसरे चरण में यूनियन स्टेट की क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करना और दुश्मन को नेस्तनाबूद करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. बता दें कि बेलारूस की सीमा पश्चिम में तीन नाटो देशों पोलैंड, लिथुआनियां और लातिविया से और दक्षिण में यूक्रेन से लगती है.

रूस ने पोलैंड ड्रोन हमले पर प्रतिक्रिया देने से किया इनकार

क्रेमलिन ने शुक्रवार को कहा कि युद्धाभ्यास को लेकर यूरोप की चिंताएं रूस के प्रति शत्रुता पर आधारित एक भावात्मक प्रतिक्रिया थी. उसने पोलैंड में हुई ड्रोन हमले की घटना पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया जिसे पश्चिम में नाटो के लिए एक चेतावनी और उसकी प्रतिक्रियाओं के लिए एक टेस्ट माना जा रहा था.

पोलैंड में हाई अलर्ट

इस युद्धाभ्यास के चलते पोलैंड ने अपने देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और बेलारूस के साथ लगती अपनी सीमा को बंद कर दिया है. प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि हम इस युद्धाभ्यास पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. इससे पहले इस तरह का युद्धाभ्यास सितंबर 2021 (यूक्रेन से शुरू हुए युद्ध से 5 महीने पहले) में हुआ था.