अपने पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकते मोजतबा, सामने आई बड़ी वजह
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई को सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली. चलिए जानते हैं क्या थी इसकी वजह.
नई दिल्ली: ईरान की सत्ता और नेतृत्व को लेकर एक नई रिपोर्ट ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इच्छा जताई थी लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें अनुमति नहीं दी. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी अधिकारियों की ओर से इस विषय पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है. यह भी कहा गया कि सार्वजनिक रूप से सामने आने पर उनके ठिकाने की जानकारी सामने आने का जोखिम बढ़ सकता है. इसी वजह से कथित तौर पर उनकी अंतिम संस्कार में शामिल होने की मांग स्वीकार नहीं की गई.
रिपोर्ट में क्या किया गया दावा?
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई पिछले कई महीनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. इससे उनकी स्थिति और भूमिका को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. बताया गया है कि वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय केवल लिखित संदेशों के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं.
Also Read
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि हाल के क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान वह घायल हुए थे और उनके परिवार के कुछ सदस्य भी प्रभावित हुए. हालांकि अभी इन दावों की भी पुष्टि नहीं हुई है. ईरान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है.
देश में क्या हो रही चर्चा?
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व के भीतर भविष्य की दिशा को लेकर भी अलग अलग विचार सामने आ रहे हैं. एक धड़ा अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा धड़ा कड़ा रुख अपनाने की मांग कर रहा है. इससे देश के भीतर राजनीतिक खींचतान बढ़ने की चर्चा है.
फिलहाल मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति और सुरक्षा से जुड़े दावों को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं. हालांकि जब तक ईरानी सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इन रिपोर्टों को दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए.