बिहार में अपराधियों की अब खैर नहीं, 5 बड़े अपराधों पर सभी SP को पुलिस मुख्यालय से सख्ती के निर्देश
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को हत्या, दुष्कर्म, पुलिस पर हमला, सांप्रदायिक घटनाएं, हर्ष फायरिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
पटना: बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं. नए आदेश के तहत पांच श्रेणी के गंभीर अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और इन मामलों की जांच व कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार हत्या, दुष्कर्म, पुलिस पर हमला, सांप्रदायिक घटनाएं, हर्ष फायरिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. इन मामलों की जल्द पहचान कर साक्ष्य जुटाने, आरोपियों की गिरफ्तारी और समय पर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश सभी जिलों के एसपी को दिया गया है.
पुलिस मुख्यालय का क्या है मानना?
इन गंभीर मामलों को स्पीडी ट्रायल के लिए भी चिह्नित किया जाएगा ताकि अदालतों में सुनवाई तेजी से पूरी हो सके और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके. पुलिस मुख्यालय का मानना है कि समयबद्ध कार्रवाई से अपराधियों में कानून का डर बढ़ेगा और आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा.
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हर्ष फायरिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में अवैध हथियारों की बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. हाल के समय में सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है.
पुलिस को क्या दिए गए हैं निर्देश?
सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर भी पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. जिला पुलिस को स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर किसी भी तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते नियंत्रित करने के लिए कहा गया है. साथ ही सभी जिलों से इन मामलों की नियमित प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी, ताकि राज्य स्तर पर लगातार निगरानी की जा सके.
पुलिस मुख्यालय ने माफियाओं और संगठित अपराधियों की संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया में भी तेजी लाने का निर्देश दिया है. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के तहत थाना स्तर से प्रस्ताव भेजे जाएंगे. वर्तमान में 1433 अपराधियों की संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं. इनमें 428 मामलों में संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव न्यायालय को भेजा गया है, जबकि 103 मामलों में कार्रवाई जारी है. अब तक चार अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश न्यायालय से जारी हो चुका है.
पटना और मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक 214 अपराधियों की संपत्तियां चिन्हित की गई हैं. पुलिस मुख्यालय का कहना है कि अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.