हिंदू परिवार की हत्या के बाद घर में ही हत्यारों ने डाला डेरा, 7 घंटे तक रुके; खाना खाया और नहाया भी
बांग्लादेश के रंगपुर में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया है. पूछताछ में हत्या की बात कबूल करने का दावा किया गया है.
नई दिल्ली: रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार लोगों की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी कई घंटे तक उसी घर में छिपे रहे. उन्होंने कथित तौर पर घर में खाना खाया, खीरा और खजूर खाए और नहाने के बाद वहां से निकले. मृतकों में सेवानिवृत्त शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी, बेटी और 12 वर्षीय बेटा शामिल हैं. पुलिस ने दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है.
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के घर की छत तक पहुंचे थे. वहां कथित तौर पर वे याबा नामक नशीली गोली का सेवन कर रहे थे. आवाज सुनकर गणपति छत पर पहुंचे और दोनों से पूछताछ करने लगे. आरोपियों को आशंका हुई कि वह उन्हें पहचान सकते हैं. इसी दौरान कथित तौर पर गमछे से उनका गला दबा दिया गया.
एक-एक कर पूरे परिवार को बनाया निशाना
गणपति के साथ हुई हाथापाई की आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता ऊपर पहुंचीं. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सीढ़ियों पर कपड़े से उनका भी गला दबा दिया. इसके बाद उनकी बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम की भी हत्या कर दी गई. पुलिस को शक है कि प्रियम आरोपियों में से एक के छोटे भाई का दोस्त था, इसलिए उन्हें पहचान उजागर होने का डर था.
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हत्या के बाद घंटों घर में छिपे रहे
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी तुरंत वहां से नहीं भागे. वे करीब छह से सात घंटे तक घर के भीतर ही रहे. इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर खाना खाया, फ्रिज से खीरा निकाला, खजूर खाए और घर में नहाया. जांच के दौरान पुलिस को खजूर की गुठलियां और खीरे के अवशेष मिले. कुछ चूड़ियों को जलाने की कोशिश के निशान भी मिले, जिन्हें जांच में अहम माना जा रहा है.
बंद मोबाइल से खुला वारदात का राज
परिवार के चारों मोबाइल गुरुवार रात से बंद थे. शनिवार रात संपर्क नहीं होने पर रिश्तेदार घर पहुंचे, जहां चारों के शव मिले. गणपति का शव छत, जबकि प्रीतिलता और आगमी के शव सीढ़ियों पर मिले. प्रियम का शव बिस्तर के नीचे बरामद हुआ. पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच ने संयुक्त जांच के बाद मुग्धो और सिद्धार्थ को हिरासत में लिया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या स्वीकार की है.
अब दूसरे पहलुओं की जांच
पुलिस ने बताया कि दोनों संदिग्धों से अलग-अलग और साथ में पूछताछ की गई. अधिकारियों को परिवार की किसी पुरानी दुश्मनी या विवाद की जानकारी नहीं मिली है. मृतकों में गणपति पिछले वर्ष दिसंबर में रंगपुर जिला स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनकी बेटी ने इसी वर्ष अंग्रेजी में मास्टर डिग्री पूरी की थी. पुलिस अब हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.