स्कूलों की जांच पर आमने-सामने CJP और मोहनदास पई, सौरव दास बोले- सुझाव हकीकत से दूर
स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर CJP के अभियान के बीच मोहनदास पई और सौरव दास आमने-सामने आ गए. दास ने पई के सुझावों को धीमा और जमीनी हकीकत से दूर बताया.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘School Thik Karo’ अभियान को लेकर Aarin Capital के चेयरमैन मोहनदास पई और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस हो गई. पई ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सामने लाने के लिए अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों को व्यवस्थित तरीके से काम करने की सलाह दी थी, जिसे दास ने सिरे से खारिज कर दिया.
पई ने दिया डेटा जुटाने का सुझाव
बहस की शुरुआत CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका के उस दावे से हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि जयपुर में स्कूल का निरीक्षण करने जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित हमला हुआ. पई ने स्वयंसेवकों के समूह में जाने पर सवाल उठाते हुए इसे गलत तरीका बताया. इसके जवाब में दास ने उन्हें अगली बार अभियान में साथ आने और तरीका बताने की चुनौती दी.
इसके बाद पई ने हर राज्य में दो-दो स्वयंसेवकों की टीम बनाने, स्कूल निरीक्षण से पहले अनुमति लेने और तालुका स्तर पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की सलाह दी. उन्होंने सरकार को डेटा देने, तिमाही रिपोर्ट प्रकाशित करने और जनता के बीच मुद्दा उठाने का सुझाव भी दिया.
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‘धीमा और वास्तविकता से कटा हुआ’
दास ने पई के सुझावों पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी कवायद पहले से NITI Aayog और स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठन करते रहे हैं. उन्होंने पई की रणनीति को “धीमा, उबाऊ और वास्तविकता से जुड़ा नहीं” बताया.
जयपुर में हमले का आरोप
CJP के मुताबिक, शुक्रवार को जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने जा रहे स्वयंसेवकों पर कथित हमला किया गया. रांका ने दावा किया कि एक कार्यकर्ता का हाथ फ्रैक्चर हुआ. टीम रामपुरा कानवारपुरा और भट्टा वाला स्थित सरकारी स्कूलों का जायजा लेने पहुंची थी.
रांका के अनुसार, रामपुरा कानवारपुरा के प्राथमिक स्कूल की मुख्य इमारत जर्जर होने के कारण बंद है. उनका दावा है कि बच्चों को करीब 50 मीटर दूर टिन की छत वाले शेड में पढ़ाया जा रहा है, जहां पशुओं का चारा भी रखा मिला.