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India Daily

'जंग के परिणामों का पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं', कोविड से भी ज्यादा बुरे हो सकते हैं हालात! पुतिन ने दी चेतावनी

मिडिल ईस्ट में शुरू हुए जंग को अब एक महीने हो चुके हैं. अभी भी दोनों पक्ष अपने कदम वापस लेने के लिए तैयार नहीं है. इसी बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जंग लड़ रहे देशों को चेतावनी दे दी है और इसके परिणामों के लिए भी आगाह किया है.

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Edited By: Shanu Sharma
'जंग के परिणामों का पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं', कोविड से भी ज्यादा बुरे हो सकते हैं हालात! पुतिन ने दी चेतावनी
Courtesy: X (@jyotsana51400, @PGTAnalytics)

अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया था. जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, तब से शुरू हुए जंग को आज एक महीने पूरे हो चुके हैं. दोनों पक्ष अभी भी अपने कदम पीछे लेने के लिए तैयार नहीं है. इसी बीच रूसी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को इस युद्ध पर चिंता जाहिर करते हुए, चेतावनी दी है.

पुतिन ने कहा कि इस खाड़ी संघर्ष के वैश्विक परिणामों का सही अनुमान लगाना उन लोगों के लिए भी असंभव है, जो इसे चला रहे हैं. पुतिन ने इस परिस्थिति की तुलना कोविड-19 महामारी से की, जिसने पूरी दुनिया की प्रगति को बुरी तरह प्रभावित किया था.

रूसी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

रूस के प्रमुख उद्योगपतियों की कांग्रेस को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ तनाव अब वैश्विक व्यवस्थाओं को अस्थिर कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष के परिणामों का आत्मविश्वास के साथ अनुमान लगाना अभी भी बहुत मुश्किल है. मुझे लगता है कि इस संघर्ष में शामिल लोग भी खुद इसके पूर्ण प्रभाव का अनुमान नहीं लगा सकते.

उन्होंने कहा कि इसके कारण अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारी रुकावट आई है. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर दुनिया भर के प्रमुख क्षेत्रों में पहले से ही महसूस हो रहा है और इसके व्यापक आर्थिक परिणाम जल्द ही देखने को मिल सकता हैं.

ईरान युद्ध से कोविड जैसे हालात

रूसी राष्ट्रपति ने कोविड महामारी के बारे में याद दिलाते हुए कहा कि उस दौरान बिना किसी अपवाद के सभी क्षेत्रों और महाद्वीपों के विकास ठंप हो गए था. उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान संघर्ष भी उसी स्तर की अनिश्चितता और तबाही पैदा कर सकता है. इस जंग में सबसे जरूरी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है, इसके बंद होने के कारण दुनिया डिस्कनेक्ट हो गई है. वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है, जिसके कारण महंगाई आसमान छू रही है. पाकिस्तान जैसा गरीब देश जो पहले से ही कर्ज में है, वहां लाकडाउन जैसी स्थिति हो गई है. ऐसे में पुतिन ने रूस को इस नई वास्तविकता में काम करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है.