मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार और रिटायर्ड कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे बेतुकी बकवास करार देते हुए कहा है कि केवल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही इस युद्ध को रुकवाने की क्षमता रखते हैं.
एक विशेष साक्षात्कार में मैकग्रेगर ने पाकिस्तान की आर्थिक और आंतरिक स्थिति पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान का मदद की पेशकश करना ऐसा है, जैसे कोई खुद जलती हुई इमारत में फंसा हो और आपको वहां कमरा देने का वादा करे." उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल कभी भी पाकिस्तान को एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि उसकी साख खत्म हो चुकी है.
#WATCH | On India's potential role as mediator in Iran war, Geopolitical Risk Advisor Colonel (Retd) Douglas.McGregor @DougAMacgregor says, "India can't afford to remain a spectator in this conflict...I think Pres Trump, if he listens to anybody at this point, is probably going… pic.twitter.com/Mp58cQofpn
— ANI (@ANI) March 26, 2026Also Read
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शांतिदूत के रूप में उभरती भूमिका के पीछे उनकी बेजोड़ ग्लोबल क्रेडिबिलिटी है, जिसे पूर्व पेंटागन सलाहकार डगलस मैकग्रेगर ने तीन प्रमुख आधारों पर स्पष्ट किया है. मोदी की सबसे बड़ी शक्ति उनकी वह कूटनीतिक सहजता है, जिसके चलते वे एक ओर मॉस्को में व्लादिमीर पुतिन के साथ भरोसेमंद रिश्ते साझा करते हैं, तो दूसरी ओर तेहरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी उनके कामकाजी संबंध अत्यंत गहरे और पुराने हैं.
28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग ने दुनिया को विनाश के मुहाने पर खड़ा कर दिया है: