मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है. किर्गिस्तान दौरे के दौरान पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को 'अवैध' करार देते हुए कहा कि उनके साथ कोई शांति समझौता करना व्यर्थ होगा.
उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 28-सूत्री शांति योजना के बीच आया है, जिसे लेकर मॉस्को में अगले सप्ताह ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पहुंचने वाले हैं.
पुतिन ने बिश्केक में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जोर देकर कहा कि जेलेंस्की का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और मार्शल लॉ के बावजूद चुनाव न कराने से उन्होंने अपनी वैधता खो दी है. "यूक्रेन का वर्तमान नेतृत्व अवैध है. ऐसे में उनके साथ कोई दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना कानूनी रूप से असंभव है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रूसी हितों को मान्यता देनी होगी," पुतिन ने कहा. उन्होंने स्पष्ट शर्त रखी कि यदि यूक्रेनी सेना अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से पीछे हट जाए, तो रूस युद्धविराम कर सकता है, वरना सैन्य बल से लक्ष्य हासिल करेगा.
विदित हो कि 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू है, जिसके तहत राष्ट्रपति चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. यूक्रेन का तर्क है कि युद्ध की स्थिति में मतदान असंभव है, जबकि रूस इसे जेलेंस्की की 'रणनीतिक चूक' बताता है. पुतिन ने दावा किया कि रूस ने खुद युद्ध के दौरान चुनाव कराए, लेकिन कीव ने ऐसा नहीं किया, जिससे जेलेंस्की की स्थिति कमजोर हो गई.
इधर, अमेरिकी प्रयासों को पुतिन ने आंशिक रूप से स्वीकार किया. उन्होंने ट्रंप की शांति योजना को 'भविष्य के समझौते का आधार' बताया, लेकिन कहा कि कई बिंदुओं पर गहन चर्चा जरूरी है. "अमेरिकी योजना में कुछ विचारणीय बातें हैं, लेकिन अन्य मुद्दों पर विस्तार से बात करनी होगी," पुतिन ने कहा. यह बयान तब आया जब हाल ही में जेनेवा में अमेरिकी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच 19-सूत्री संशोधित योजना पर चर्चा हुई. योजना में यूक्रेन के हितों को ध्यान में रखा गया है, लेकिन रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों पर विवाद बरकरार है.
ट्रंप प्रशासन ने शांति प्रक्रिया को गति देने के लिए कदम उठाए हैं. विशेष दूत विटकॉफ अगले सप्ताह मॉस्को पहुंचेंगे, जबकि सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल कीव में यूक्रेनी अधिकारियों से मिलेंगे. विटकॉफ, जो गाजा युद्धविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुके हैं, हाल ही में एक लीक कॉल में रूसी अधिकारियों को ट्रंप को प्रभावित करने की सलाह देते सुनाई दिए, जिससे अमेरिकी राजनीति में विवाद खड़ा हो गया. रिपब्लिकन सीनेटर रोजर विकर ने योजना को 'समस्याग्रस्त' बताते हुए विटकॉफ की आलोचना की. ट्रंप ने इसे 'मानक कूटनीति' करार दिया और कहा कि कोई समयसीमा नहीं है, लेकिन सभी युद्ध से थक चुके हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन के बयान को खारिज करते हुए कहा कि कीव कभी भी क्षेत्रीय समर्पण नहीं करेगा. "जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, कोई भूमि नहीं सौंपेंगे. संविधान इसे प्रतिबंधित करता है," जेलेंस्की के कार्यालय प्रमुख आंद्रिय यरमाक ने कहा. यूक्रेनी संसद ने पहले ही जेलेंस्की की वैधता की पुष्टि कर चुकी है, लेकिन रूस इसे प्रचार का हथियार बना रहा है.