नई दिल्ली: इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने एक ऐतिहासिक सैन्य अभियान का खुलासा करते हुए बताया है कि 28 फरवरी को तेहरान में ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाया गया. इस भीषण हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं. सेना के अनुसार यह ऑपरेशन अत्यंत सटीक खुफिया जानकारी और आतंकवाद विरोधी निदेशालय के समन्वय से पूरा किया गया. इस हमले ने न केवल खामेनेई को खत्म किया, बल्कि ईरानी शासन के पूरे कमांड नेटवर्क को भी छिन्न-भिन्न कर दिया है.
आईडीएफ के बयान के मुताबिक, वायु सेना के लगभग 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान में खामेनेई के गुप्त भूमिगत बंकर पर हमला किया. यह विशाल बंकर नेतृत्व परिसर के नीचे बनाया गया था, जिसे ईरानी शासन का अभेद्य किला माना जाता था. आतंकवाद विरोधी निदेशालय के सहयोग से किए गए इस सटीक प्रहार ने बंकर को पूरी तरह जमींदोज कर दिया. यह इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई अब तक की सबसे निर्णायक सैन्य कार्रवाई है.
🎥 WATCH: ~50 Israeli Air Force fighter jets dismantled Ali Khamenei’s underground military bunker beneath the Iranian regime’s leadership compound in Tehran. pic.twitter.com/Nw0tvvQMRX
— Israel Defense Forces (@IDF) March 6, 2026Also Read
खामेनेई ने इस भूमिगत बंकर को एक सुरक्षित आपातकालीन संपत्ति के रूप में विकसित किया था, ताकि वे वहां से युद्ध का संचालन कर सकें. आईडीएफ ने खुलासा किया कि खामेनेई द्वारा अपना 'ऑपरेशन रोर ऑफ द हैरियर' शुरू करने से पहले ही इस बंकर को मिटा दिया गया. खामेनेई की मृत्यु के बाद भी अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस परिसर का उपयोग कर रहे थे, लेकिन अब आईडीएफ ने इस पूरे कमांड मुख्यालय को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है.
ईरानी शासन ने इस भूमिगत परिसर को बनाने में कई वर्षों तक भारी निवेश किया था. यह बंकर तेहरान की प्रमुख सड़कों के नीचे तक फैला हुआ था और इसमें अधिकारियों के लिए कई गुप्त बैठक कक्ष थे. इजराइली सैन्य खुफिया सेवा ने इस परिसर पर हमला करने से पहले लंबे समय तक गहन जांच की थी. बंकर के नष्ट होने से ईरानी नेतृत्व की सैन्य रणनीतियां बनाने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई है.
आईडीएफ ने बताया कि यह नेतृत्व परिसर ईरान का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र था. 3 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर की गई एक पोस्ट में इजराइली सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने रात भर चले हमले में इस मुख्यालय को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया है. इजराइली वायु सेना ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर शासन के सबसे वरिष्ठ मंच को निशाना बनाया, जिससे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेतृत्व का आधार ही खत्म हो गया.