नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच रूस ने तेहरान के प्रति अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. राष्ट्रपति पुतिन ने मोजतबा खामेनेई के चयन का स्वागत करते हुए उन्हें अपने पिता अली खामेनेई का योग्य उत्तराधिकारी बताया है. जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं, वहीं पुतिन ने वाशिंगटन के दबाव को नजरअंदाज कर दिया है. यह कूटनीतिक समर्थन ऐसे समय आया है जब ईरान अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है.
पुतिन ने मोजतबा को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे अपने पिता के कार्यों को सम्मान के साथ जारी रखेंगे. क्रेमलिन द्वारा जारी बयान में मुश्किल समय में ईरानी लोगों को एकजुट करने की बात कही गई है. पुतिन ने मोजतबा को पूर्ण कूटनीतिक सम्मान दिया है. रूस का यह संदेश स्पष्ट करता है कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा.
रूसी राष्ट्रपति ने तेहरान के प्रति अपने पक्के समर्थन की पुष्टि की है. पुतिन ने कहा कि रूस अपने ईरानी दोस्तों के साथ पूरी एकता के साथ खड़ा है. यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका को चुनौती देता है. रूस की ओर से इस तरह का समर्थन मोजतबा खामेनेई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी मजबूती साबित हो सकता है. कूटनीतिक स्तर पर यह पुतिन का एक साहसिक कदम माना जा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी मंजूरी के बिना चुना गया कोई भी नेता सत्ता में टिक नहीं पाएगा. उन्होंने मोजतबा को जान से मारने तक की धमकी दे डाली है. ट्रंप का मानना है कि ईरान के भविष्य का फैसला वाशिंगटन ही करेगा. उनके अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति की सहमति के बिना ईरान का अगला दौर शुरू नहीं हो सकता.
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के नए लीडर को अमेरिका से मंजूरी लेनी ही होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ईरान के मामले में पीछे हटने के मूड में नहीं हैं. ट्रंप का यह आक्रामक रवैया रूस की नीतियों के बिल्कुल विपरीत है, जहां पुतिन सहयोग का हाथ बढ़ा रहे हैं. वहीं ट्रंप सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाई की बात कर रहे हैं. यह टकराव आने वाले समय में युद्ध की स्थिति पैदा कर सकता है.
भारी दबाव के बावजूद पुतिन ने मोजतबा को 'सुप्रीम लीडर' के रूप में स्वीकार कर लिया है. उन्होंने रूस की ओर से हर संभव मदद का दावा किया है. पुतिन ने ईरानी नेतृत्व के साथ अपनी एकजुटता की पुष्टि कर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है. अब सारा दारोमदार मोजतबा खामेनेई पर है कि वे पुतिन के समर्थन और ट्रंप की धमकियों के बीच अपने देश को किस दिशा में ले जाते हैं.