नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था और बिगड़ गई है. पुलिस ने दावा किया है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात आठ नेशनल हाईवे एंड मोटरवे पुलिसकर्मियों को JAAC के सदस्यों ने अगवा कर लिया. परिवारों को धमकाने का आरोप भी लगाया गया है.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए आठ नेशनल हाईवे एंड मोटरवे पुलिसकर्मियों को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी यानी JAAC के लोगों ने अगवा किया है. पुलिस प्रवक्ता खावर अली शौकत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कर्मियों को कथित तौर पर हिरासत में रखा गया है और उनके साथ मारपीट की गई है. पुलिस ने उनकी तस्वीरें भी जारी की हैं.
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, कथित अपहरण के बाद कर्मचारियों के परिवारों को भी धमकाया गया. आरोप है कि उन्हें चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर अगवा किए गए पुलिसकर्मियों की जान को खतरा हो सकता है. पुलिस ने JAAC को शांतिपूर्ण संगठन मानने से इनकार किया और कहा कि हिंसा के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी. पुलिस ने कर्मचारियों को जल्द रिहा करने की मांग की है.
JAAC लंबे समय से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन कर रही है. संगठन तथाकथित विधानसभा में कश्मीर से बाहर रहने वाले लोगों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म करने समेत कई मांगें उठा रहा है. जून से चल रहे आंदोलन के कारण क्षेत्र के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार झड़पें भी हुई हैं, जिनमें कम से कम 90 लोगों की मौत का दावा किया गया है.
पुलिस ने कहा है कि हाल के संघर्षों में उसके जवानों को लगातार निशाना बनाया गया है. पुलिस अधिकारी रियाज मुगल के मुताबिक, 2026 में अब तक 26 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि 157 गंभीर रूप से घायल हुए और 629 को मामूली चोटें आईं. इस बीच क्षेत्र में विधानसभा चुनाव भी चल रहे हैं. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन चुनावों को पहले ही दिखावा करार दिया है.