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India Daily

पीएम मोदी ने जापान के पीएम की पत्नी को भेंट की भारतीय परंपरा की नायाब निशानी पश्मीना शॉल, जानें क्या है इसकी खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री की पत्नी को कश्मीर की पारंपरिक पश्मीना शॉल उपहार में दी. लद्दाख की चंगथांगी बकरी के ऊन से बनी यह शॉल हाथ से बुनी गई है और इसमें क्लासिक कश्मीरी डिजाइन शामिल हैं. इसे पेपर माशे बॉक्स में भेंट किया गया, जो भारतीय कला और संस्कृति की पहचान को दर्शाता है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पीएम मोदी ने जापान के पीएम की पत्नी को भेंट की भारतीय परंपरा की नायाब निशानी पश्मीना शॉल, जानें क्या है इसकी खासियत
Courtesy: Social Media

PM Modi Gift Pashmina Shawl: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जापान दौरे के दौरान एक खास तोहफा पेश कर भारत की शिल्पकारी और परंपरा की झलक दिखाई. उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री की पत्नी को कश्मीर की मशहूर पश्मीना शॉल भेंट की. इस शॉल को एक सुंदर पेपर माशे बॉक्स में रखकर दिया गया, जिसकी वजह से इस उपहार की सांस्कृतिक और कलात्मक महत्ता और भी बढ़ गई.

यह पश्मीना शॉल लद्दाख की चंगथांगी बकरी के महीन ऊन से तैयार की गई है. इस ऊन को दुनिया का सबसे मुलायम और हल्का माना जाता है, जो न सिर्फ गर्माहट देता है बल्कि अपनी बारीकी और गुणवत्ता के कारण पूरी दुनिया में सराहा जाता है. पश्मीना शॉल को पारंपरिक रूप से कश्मीरी कारीगर हाथ से बुनते हैं. यह शिल्पकला सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे कभी राजघरानों और साम्राज्य ने अपनी शान और प्रतिष्ठा के रूप में अपनाया था.

भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की पहचान 

इस शॉल की खासियत इसके डिजाइन और रंग संयोजन में है. हाथीदांत के आधार पर बनाई गई इस शॉल में गुलाबी और लाल रंग के नाज़ुक पुष्प और पैस्ले डिजाइन काढ़े गए हैं. यह डिजाइन क्लासिक कश्मीरी कला का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसमें कारीगरों की महीन बुनाई का अद्भुत नमूना देखने को मिलता है. कश्मीर की यह कला आज भी दुनिया में भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की पहचान बनी हुई है.

पेपर माशे बॉक्स की खासियत

पेपर माशे बॉक्स, जिसमें यह शॉल भेंट की गई, वह भी कश्मीर की परंपरागत कला का उत्कृष्ट नमूना है. यह कला कागज और गोंद से बने ढांचे पर की जाती है और फिर उस पर रंगों और डिजाइनों से सजावट की जाती है. यह शॉल बॉक्स की खूबसूरती को और बढ़ा देता है और इसके साथ ही यह भी दिखाता है कि भारत अपनी परंपराओं को संरक्षित करते हुए उन्हें दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करता है.

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया यह उपहार केवल एक शॉल नहीं बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और कश्मीरी कारीगरों की मेहनत का प्रतीक है. इस पहल के जरिए भारत और जापान के बीच मित्रता और सहयोग को भी एक नई ऊंचाई देने का संदेश दिया गया.