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India Daily

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर लगी मुहर, खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; कच्चे तेल के दाम गिरे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 समिट में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सभी दस्तखत हो चुके हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज शुक्रवार से पूरी तरह खुल जाएगा.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर लगी मुहर, खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; कच्चे तेल के दाम गिरे
Courtesy: X

दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बड़ी खबर आई है. फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है. यह खबर तेल बाजार और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है.

मझौते पर दस्तखत

फ्रांस में G7 समिट में पहुंचने पर ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर सभी हस्ताक्षर हो चुके हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले ही आंशिक रूप से खुल चुका है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जिनेवा में एक समारोह में इस समझौता ज्ञापन यानी MOU पर औपचारिक रूप से दस्तखत किए जाएंगे. इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद-बाघेर घालीबाफ शामिल होंगे. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि समझौते की पूरी जानकारी अगले 24 से 48 घंटों में सामने आएगी. ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में UK-फ्रांस के संयुक्त नौसैनिक मिशन की जरूरत से भी इनकार किया.

ईरान के परमाणु हथियार नहीं होंगेः ट्रंप

ट्रंप ने इस पूरे समझौते का सबसे बड़ा मकसद बताते हुए कहा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. ईरान ने इस बात पर कड़ी निगरानी की शर्त के साथ पूरी तरह सहमति जताई है. यह इस पूरी बातचीत का मुख्य लक्ष्य था. उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में अभी बहुत सी अच्छी चीजें होने वाली हैं. तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं और शेयर बाजार भी ऊपर जा रहा है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि MOU पर दस्तखत होते ही अमेरिकी सेना को वापस नहीं बुलाया जाएगा. बातचीत के दौरान मौजूदा सैन्य तैनाती जारी रहेगी.

अभी भी कई सवाल बाकी

भले ही ट्रंप ने समझौते को लेकर बड़े दावे किए हों लेकिन G7 में जमा पश्चिमी देशों के नेताओं के सामने अभी कई अहम मुद्दे अनसुलझे हैं. लेबनान में इजरायल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क वसूलने के ईरान के दावे अभी भी बड़े सवाल बने हुए हैं. ईरान की जमी हुई संपत्ति और प्रतिबंध हटाने पर भी अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह सब ईरान के अपने वादे पूरे करने पर निर्भर करेगा.