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Pakistan में बच्चों के लिए भयावह हैं हालात, यौन शोषण को लेकर सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

पाकिस्तान में अपहरण के मामले अपराध श्रेणी की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं. अप्राकृतिक यौनाचार के 13 प्रतिशत, बलात्कार के 10 प्रतिशत मामले सामने आए हैं. ज्यादातर मामलों में पीड़ितों के परिवारों से संबंधित या परिचित संलिप्त पाए गए.

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Abhiranjan Kumar
Pakistan में बच्चों के लिए भयावह हैं हालात, यौन शोषण को लेकर सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

Pakistan Child Abuse Report: पाकिस्तान (Pakistan) में बच्चों के लेकर सामने आई एक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. साल 2023 की बात करें तो यहां जनवरी से जून तक हर दिन औसतन 12 बच्चों को यौन शोषण (Sexual Exploitation) का शिकार होना पड़ा है. बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली एक NGO की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ.

यौन शोषण के खिलाफ लड़ाई

बच्चों के लिए काम करने वाला 1996 से बाल यौन शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ता आ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि उसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और बाल यौन शोषण को लेकर तथ्य और आंकड़े प्रदान करना है. संगठन ने कहा कि ये आंकड़े मीडिया रिपोर्ट पर आधारित हैं और असल आंकड़े इससे भी ज्यादा हो सकते हैं. NGO की तरफ से कहा गया हैा कि 2022 में यौन शोषण के 4253 के मामले रिपोर्ट हुए थे.

क्या कहते हैं आंकड़े

रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में दुर्व्यवहार पीड़ितों की कुल संख्या 2,227 है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2,211 थी. 2,227 पीड़ितों में से आधे से अधिक (54 प्रतिशत) लड़कियां हैं. दुर्व्यवहार का शिकार हुए लड़कों की संख्या 1,020 है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 से 15 वर्ष की आयु सीमा के भीतर लड़कियों (457) की तुलना में अधिक लड़कों (593) के साथ दुर्व्यवहार किया गया.

pak child report
 

बच्चों का अपहरण

आंकड़ों के अनुसार अपहरण के मामले अपराध श्रेणी की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं. इसमें अप्राकृतिक यौनाचार के 13 प्रतिशत, बलात्कार के 10 प्रतिशत और लापता बच्चों के 9 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए. इसमें कहा गया है कि पिछले छह महीनों में जांच एजेंसी द्वारा डार्क वेब पर गतिविधियों पर नजर रखने के साथ कुल 53 अश्लील मामले सामने आए थे.

हैरान करने वाली बात

NGO की तरफ से जो आंकड़े जमा किए गए हैं उसके मुताबिक 2023 के पहले छह महीनों के दौरान 2,531 अपराधी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने में शामिल थे और ज्यादातर मामलों में पीड़ितों या उनके परिवारों से संबंधित या परिचित संलिप्त पाए गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि 912 मामलों में दुर्व्यवहार करने वाले परिचित थे, जबकि 498 मामलों में अपराध करने वाले अजनबी थे. 215 मामलों में दुर्व्यवहार अजनबियों और परिचितों दोनों द्वारा किया गया था.

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