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Pakistan Violence: 'आखिरी गेंद तक लड़ते रहें, हिम्मत न हारें', इमरान खान का समर्थकों को जेल से संदेश

इमरान खान ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा, 'हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. हम हर हाल में अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे. इमरान खान के समर्थक उन्हें जेल से रिहा करने की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शकारियों और सुरक्षाबलों के बीच जमकर झड़प हो रही है. इस हिंसा में अब तक 6 सुरक्षा बलों की मौत हो चुकी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Pakistan Violence: 'आखिरी गेंद तक लड़ते रहें, हिम्मत न हारें', इमरान खान का समर्थकों को जेल से संदेश

Pakistan Violence:  लंबे समय से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने समर्थकों को एक मजबूत संदेश दिया है. उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि 'अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहे हिम्मत ना टूटने पाए.' पाकिस्तान में इस वक्त जबरदस्त हिंसा हो रही है. इमरान खान के समर्थक उन्हें जेल से रिहा करने की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शकारियों और सुरक्षाबलों के बीच जमकर झड़प हो रही है. इस हिंसा में अब तक 6 सुरक्षा बलों की मौत हो चुकी है.

इमरान खान का जेल से संदेश
इमरान खान इस समय रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं. उन्होंने जेल से ही मंगलवार शाम को एक संदेश जारी किया. जेल से अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'आखिरी गेंद तक लड़ो, हिम्मत मत हारो. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं.' उन्होंने अपने समर्थकों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा, 'मैं पाकिस्तान के लोगों और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) कार्यकर्ताओं को सलाम करता हूं, जो अपने अधिकारों के लिए खड़े हो रहे हैं और माफिया के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं.'

इमरान खान ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा, 'हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. हम हर हाल में अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे. अगर आप पहले से मार्च में शामिल नहीं हुए हैं, तो तुरंत डी-चौक पहुंचें और वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें.' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तब तक यहां से नहीं हटेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता और इमरान खान की रिहाई नहीं होती.

इमरान खान के समर्थन में जारी विरोध
इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे डी-चौक से तब तक न जाएं, जब तक इमरान खान के नेतृत्व से कोई निर्देश न मिलें. वहीं खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने भी समर्थकों से कहा कि वे बिना इमरान खान के आदेश के डी-चौक से आगे न बढ़ें. वहीं, पार्टी के नेता गोहर अली खान ने सरकार से आग्रह किया कि वह 'निर्दोष लोगों पर गोलियां न चलाएं' और पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह एक शांतिपूर्ण संघर्ष है और किसी को भी हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए.

गड़बड़ी करने वालों को गोली मारने का आदेश

इस दौरान, पुलिस और रेंजरों पर हमले के कारण पाकिस्तान में तनाव और बढ़ गया. सोमवार रात को प्रदर्शनकारियों ने एक रेंजर वाहन को टक्कर मार दी, जिसमें चार रेंजर मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. इसके बाद, सरकार ने सेना को राजधानी में तैनात किया और आदेश दिए कि किसी भी गड़बड़ी करने वालों को गोली मार दी जाए. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि जो लोग सुरक्षा बलों पर हमला करेंगे, उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी. वहीं, इमरान खान की पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया और उनके कई समर्थक घायल हो गए. पार्टी ने इस घटना में दो समर्थकों की मौत का दावा किया, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई.