20 साल से काम कर रहे एक चीनी व्यक्ति झांग को देर तक काम करने के बाद अपनी डेस्क पर झपकी लेने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया. कंपनी से निकाले जाने के बाद उसने केस दर्ज करा दिया. अब कंपनी को उसे 40 लाख का मुआवाजा देना पड़ा है. अदालत ने झांग की लंबी सेवा और झपकी से कंपनी को कोई खास नुकसान न होने का हवाला देते हुए बर्खास्तगी को गलत माना.
शख्स कंपनी में 20 साल से काम कर रहा था. हालांकि एक छोटी सी गलती के कारण उसे निकाल दिया गया. वह आधी रात तक काम करने के एक दिन बाद, एक घंटे के लिए अपने डेस्क पर सोता हुआ पकड़ा गया. बदले में, उसे फायर कर दिया गया. अब कंपनी को उसे 40 लाख का मुआवजा देने पड़ा. यह अजीब घटना चीन में हुई.
झांग के रूप में पहचाने जाने वाले इस व्यक्ति ने चीन के जिआंगसु प्रांत में लगभग 20 वर्षों तक एक रासायनिक कंपनी में काम किया. इससे पहले 2024 में, झांग को लगभग एक घंटे तक अपने कार्य डेस्क पर झपकी लेते हुए सीसीटीवी कैमरों पर पकड़ा गया था. अपने बचाव में, यह ठीक उसी समय हुआ जब उसने ठीक एक दिन पहले आधी रात तक काम किया था. जब कंपनी को इस बात का पता चला, तो मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने दो सप्ताह बाद इस मामले पर एक रिपोर्ट जारी की.
एचआर ने कहा कि घटना से ठीक एक दिन पहले आधी रात तक काम करने से झांग थक गया था और इस वजह से उसे अगले दिन झपकी आ गई और झांग ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी किए. हालांकि, श्रमिक संघ से परामर्श करने के बाद जिस कंपनी में झांग काम करता था, उसने उसे कंपनी की शून्य-सहिष्णुता नीति का उल्लंघन करने के आधार पर निकाल दिया.
हालांकि, झांग का उस कंपनी में अच्छा काम करने का रिकॉर्ड था, जहां उसने 20 साल तक काम किया था. न्याय नहीं मिलने पर अदालत में गया और अदालत ने भी अपने फैसले में झांग का पक्ष लिया. अदालत के फैसले में न्यायाधीश जू क्यू ने कहा कि कंपनियों को अपने नियम बनाने का अधिकार है, लेकिन किसी कर्मचारी को काम से निकालना केवल विशिष्ट परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए, उदाहरण के लिए: ऐसी परिस्थितियाँ जो कंपनी को बड़ा नुकसान पहुंचाती हैं. अदालत ने कंपनी को झांग को 40 लाख रुपये देने का आदेश सुनाया.