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चूहों से परेशान तो कभी गधा पालने का देते फरमान, हर समस्या पर पाकिस्तान का अनोखा समाधान

Pakistan Strange problem Solution: पाकिस्तान इन दिनों कई अनोखी समस्याओं से जूझ रहा है. एक तरफ जहां देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश की संसद में चूहों का आतंक मचा हुआ है. अब इन समस्याओं से निपटने के लिए उसने ऐसा तरीका अपनाया है जिसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है.

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चूहों से परेशान तो कभी गधा पालने का देते फरमान, हर समस्या पर पाकिस्तान का अनोखा समाधान
Courtesy: IDL

Pakistan Strange problem Solution: पाकिस्तान इस समय एक अजीबोगरीब स्थिति में फंसा हुआ है. एक तरफ देश आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा है और दूसरी तरफ संसद में चूहों का आतंक मचा हुआ है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक अनोखा तरीका अपनाने का फैसला किया है - संसद में बिल्लियां तैनात करना.

संसद में चूहों का आतंक

पाकिस्तान की संसद में चूहे लगातार बढ़ती संख्या में हैं. ये चूहे न केवल संसद की फाइलें कुतर रहे हैं बल्कि कंप्यूटर के तार भी काट रहे हैं. इससे संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है और महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो रहे हैं. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने 12 लाख पाकिस्तानी रुपये का बजट आवंटित किया है.

गधों का बढ़ता कारोबार

इसके साथ ही पाकिस्तान में गधों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है. पाकिस्तान हर साल चीन को लाखों की संख्या में गधे निर्यात करता है. चीन में गधों की खाल और मांस की काफी मांग है. पाकिस्तान सरकार ने गधों के निर्यात से होने वाली आय को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं.

आर्थिक तंगहाली और गधों का संबंध

पाकिस्तान आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा है. IMF से कर्ज लेकर भी देश की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. ऐसे में सरकार ने गधों के निर्यात को एक आर्थिक संसाधन के रूप में देखना शुरू कर दिया है.

एक अजीबोगरीब स्थिति

एक तरफ पाकिस्तान संसद में चूहों से निपटने के लिए बिल्लियाँ तैनात कर रहा है और दूसरी तरफ गधों के निर्यात को बढ़ावा दे रहा है. यह स्थिति काफी विरोधाभासी लगती है. सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान इन दोनों समस्याओं का समाधान ढूंढ पाएगा?

पाकिस्तान को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दीर्घकालिक समाधान ढूंढने की जरूरत है. गधों के निर्यात से मिलने वाली आय से देश की आर्थिक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सकता.