पाकिस्तानी अखबार डॉन में भारत के खिलाफ गंभीर दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि भारत, पाकिस्तानी नागरिकों का इस्तेमाल करके फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की योजना बना रहा है. यह आरोप पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से ठीक पहले आए हैं.
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से जारी इस रिपोर्ट को भारत ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की रणनीतिक चाल के रूप में देख रहे हैं.
डॉन अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि पकड़े गए संदेशों से संकेत मिलता है कि भारत अपनी सीमाओं के अंदर एक फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी नागरिकों, खासकर जेलों में बंद कैदियों का इस्तेमाल कर सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पार अनजाने में घुस आए दर्जनों पाकिस्तानी नागरिकों और कश्मीरियों को इस उद्देश्य से शिफ्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान का कहना है कि भारत ऐसा करके किसी हमले का इल्जाम पाकिस्तान पर थोपना चाहता है. यह दावा ऐसे समय में किया गया है जब अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की बरसी नजदीक है. पाकिस्तान ने उस वक्त भी इसे फॉल्स फ्लैग बताया था.
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर इस समय सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से बचने की कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सितंबर 2025 में स्ट्रेटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट हुआ था, जिसके तहत एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा. सऊदी अरब पाकिस्तान से ईरान के खिलाफ सक्रिय भूमिका की मांग कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमा पर पहले से तनावपूर्ण स्थिति के कारण नया मोर्चा नहीं खोलना चाहता.
ऐसे में भारत के साथ तनाव बढ़ाकर पाकिस्तान खुद को युद्ध में व्यस्त देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि असीम मुनीर दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि पाकिस्तान भारत से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है, ताकि सऊदी अरब की अपेक्षाओं से बचा जा सके. भारतीय पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और ऐसे आरोप अपने अपराधों को छिपाने की कोशिश हैं.