ईरान-इजरायल जंग में कूदा पाकिस्तान, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दी कड़ी चेतावनी

पाकिस्तान सरकार का कहना है कि ईरान पर हुए हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं. पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत कर हमलों की निंदा की और तुरंत तनाव कम करने की मांग की.

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Sagar Bhardwaj

मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष पर पाकिस्तान ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश इस संकट के समय सऊदी अरब और खाड़ी देशों के साथ खड़ा है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से की बात

शहबाज शरीफ ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की. इस बातचीत में ईरान पर हुए इजरायली हमलों और उसके बाद खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव पर चर्चा हुई. पाकिस्तान ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में संघर्ष बढ़ना सभी देशों के लिए खतरा है. न्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान शांति बहाली के लिए रचनात्मक कूटनीतिक भूमिका निभाना चाहता है और रमजान के पवित्र महीने में क्षेत्र में स्थिरता की कामना करता है.

ईरान पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

पाकिस्तान सरकार का कहना है कि ईरान पर हुए हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं. पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत कर हमलों की निंदा की और तुरंत तनाव कम करने की मांग की.

साथ ही पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ईरान की गैर-जरूरी यात्रा फिलहाल टाल दें. हालांकि पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं हो रहा, बल्कि कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहा है.

 यूएई में पाकिस्तानी नागरिक की मौत से चिंता

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने जानकारी दी कि ईरान के जवाबी मिसाइल हमलों के दौरान अबू धाबी में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई. बताया गया कि मिसाइलों को रोकते समय गिरे मलबे से यह हादसा हुआ.

यूएई ने ईरानी हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में काम कर रहे पाकिस्तानी नागरिकों के बीच इस घटना से चिंता बढ़ गई है.

 कूटनीतिक संतुलन साधने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान एक तरफ ईरान के खिलाफ हमलों की आलोचना कर रहा है, तो दूसरी ओर खाड़ी देशों और सऊदी अरब के साथ अपने संबंध भी मजबूत रखना चाहता है. इसलिए उसने सैन्य हस्तक्षेप से दूरी रखते हुए कूटनीतिक समर्थन का रास्ता चुना है.

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