नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के खिलाफ फिर से तेज बयान दिए हैं. इस्लामाबाद में आयोजित ‘यादगार-ए-फतह’ कार्यक्रम में उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को साफ चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उनके लिए रेड लाइन है. अगर भारत अपना रुख नहीं बदलता तो पाकिस्तान सीधा जवाब देगा.
यह बयान इसलिए अहम है, क्योंकि भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से रोक दिया था. तब से पाकिस्तान इस मुद्दे पर काफी नाराज है.
प्रधानमंत्री शरीफ ने मई 2025 के सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया. उस समय भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर डीप स्ट्राइक की थी. शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान शांति, सम्मान और गरिमा के साथ खड़ा है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी न समझा जाए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में कोई पाकिस्तान की सुरक्षा या संप्रभुता को चुनौती देगा तो मई 2025 से भी ज्यादा ताकत से जवाब मिलेगा. हालांकि, दोनों देशों ने उस संघर्ष के बाद सीजफायर पर सहमति बना ली थी, लेकिन राजनीतिक स्तर पर बयानबाजी अभी भी जारी है.
अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच समय पर सीजफायर कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे लाखों लोगों की जान बच गई. भारत इस दावे को स्वीकार नहीं करता और कहता है कि सीजफायर दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत से हुआ था.
शहबाज शरीफ के बयानों में एक तरफ शांति की बात है तो दूसरी तरफ भारत के खिलाफ सख्त चेतावनी भी. खासकर पानी के मुद्दे और मई 2025 के संघर्ष को लेकर उनके तेवर साफ बताते हैं कि सीमा पर तनाव कम होने के बावजूद दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाजी रुकी नहीं है.