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पाकिस्तान में बवाल के बाद झुकी शहबाज शरीफ की सरकार, जनता के विरोध के बाद 80 रुपये सस्ता किया पेट्रोल

पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों के खिलाफ भारी विरोध के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोल की कीमत में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है. हालांकि डीजल महंगा होने से आम जनता को पूरी राहत अभी नहीं मिली है.

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Edited By: Babli Rautela
पाकिस्तान में बवाल के बाद झुकी शहबाज शरीफ की सरकार, जनता के विरोध के बाद 80 रुपये सस्ता किया पेट्रोल
Courtesy: Social Media

शहबाज शरीफ की सरकार ने भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल की कीमत में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. यह ऐलान उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में किया. नई कीमतों के अनुसार अब पाकिस्तान में पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. यह नई दरें शनिवार रात 12 बजे से लागू हो गई हैं. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रहा है.

कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी. रिपोर्ट्स के अनुसार पेट्रोल की कीमत में लगभग 43 प्रतिशत और हाई स्पीड डीजल में 55 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी. इससे आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया था. पेट्रोल की कीमत 458 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जबकि डीजल 520 रुपये के पार चला गया था. इस अचानक बढ़ोतरी ने पूरे देश में गुस्सा भड़का दिया.

क्यों घटाए गए पेट्रोल के दाम?

सरकार ने पेट्रोल के दाम घटाने का फैसला जनता के बढ़ते विरोध और दबाव के चलते लिया. बताया जा रहा है कि पेट्रोल की लेवी में कटौती करके कीमत कम की गई है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके. हालांकि इस फैसले के पीछे एक रणनीति भी है. सरकार ने डीजल की कीमतों को बैलेंस करने के लिए पेट्रोल को सस्ता किया है, क्योंकि डीजल की कीमतें अभी भी काफी ज्यादा हैं.

डीजल महंगा बना चिंता की वजह

जहां पेट्रोल सस्ता हुआ है, वहीं डीजल की कीमत अब भी 520 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है. डीजल महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर पड़ता है. इससे जरूरी सामानों की कीमतें और बढ़ सकती हैं. इसलिए भले ही पेट्रोल सस्ता हुआ हो, लेकिन महंगाई का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और इजरायल के बीच टकराव ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है. Iran और Israel के बीच तनाव की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों में अस्थिरता बढ़ी है. इसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर ज्यादा पड़ा है, जो पहले से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

जनता के गुस्से ने बदला फैसला

तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. लोगों का कहना था कि पहले ही महंगाई चरम पर है और ऐसे में ईंधन के दाम बढ़ाना आम आदमी के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है. जनता के इसी दबाव के चलते सरकार को अपने फैसले में बदलाव करना पड़ा और पेट्रोल की कीमतें घटानी पड़ीं.