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India Daily

वादा तोड़ने की मिली सजा! अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 25% टैरिफ का किया ऐलान

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच एक बार फिर से व्यापारिक तनाव देखने को मिला है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है.

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Edited By: Shanu Sharma
वादा तोड़ने की मिली सजा! अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 25% टैरिफ का किया ऐलान
Courtesy: X (@Maga_Trigger)

नई दिल्ली: अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापार तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के साथ अपने व्यापारिक रिश्ते के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने वहां से आयात होने वाली कारों, लकड़ी और फार्मास्यूटिकल उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा की.

डोनाल्ड ट्रंप के इस घोषणा से पहले इन उत्पादों पर 15 प्रतिशत तक शुल्क लिया जा रहा था. ट्रंप ने यह कदम दक्षिण कोरिया की विधायिका द्वारा अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लागू न किए जाने के विरोध में उठाया है. इस फैसले से वैश्विक व्यापार जगत में नई चिंता और अनिश्चितता देखने को मिल रही है.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि उन्होंने और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 30 जुलाई 2025 को जिस ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी, उसकी पुष्टि 29 अक्टूबर 2025 को उनकी एशिया यात्रा के दौरान भी की गई थी. इसके बावजूद, कोरियाई विधायिका ने अब तक इस समझौते को मंजूरी नहीं दी है.

ट्रंप ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका ने अपनी ओर से तेजी से टैरिफ घटाने की प्रक्रिया पूरी की, तो दक्षिण कोरिया की ओर से देरी क्यों हो रही है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि चूंकि कोरियाई विधायिका ने समझौते को लागू नहीं किया, इसलिए वह सभी पारस्परिक टैरिफ को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर रहे हैं. 

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच समझौता

दक्षिण कोरिया अमेरिका का एक प्रमुख व्यापार साझेदार है और लगातार अमेरिका के शीर्ष 10 आयात स्रोतों में शामिल रहता है. हर साल अमेरिका करीब 150 अरब डॉलर का सामान दक्षिण कोरिया से आयात करता है. नवंबर में दोनों देशों ने एक फैक्ट शीट जारी कर समझौते की रूपरेखा साझा की थी, जिसका मकसद टैरिफ कम करना और व्यापार को स्थिरता देना था. इसके तहत अमेरिकी आयात शुल्क को 15 प्रतिशत पर सीमित किया जाना था, जो अप्रैल 2025 में घोषित 25 प्रतिशत दर से पीछे हटने का संकेत था. हालांकि, इस समझौते की राह आसान नहीं रही. अमेरिका द्वारा मांगी गई निवेश प्रतिबद्धताओं को लेकर दोनों देशों के बीच महीनों तक मतभेद बने रहे. बाद में अक्टूबर में समझौते को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें दक्षिण कोरिया द्वारा अमेरिका में 350 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता शामिल थी. इसके बावजूद, विधायी मंजूरी में देरी ने पूरे समझौते को अधर में डाल दिया.